पुलिस ने ज्योति के पास से तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को संदेह है कि ज्योति ने अपने उपकरणों से कई महत्वपूर्ण चैट्स को डिलीट किया है, विशेषकर उन संदेशों को जो पाकिस्तान हाई कमीशन के पूर्व अधिकारी दानिश के साथ हुए थे।
चैट्स के डिलीट होने से यह सवाल उठता है कि क्या इनमें भारत के खिलाफ कोई संवेदनशील जानकारी साझा की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, दो महत्वपूर्ण बातचीत, 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'ब्लैकआउट फेज', जानबूझकर हटाई गई हैं। इनका संबंध ज्योति के गृह नगर हिसार से भी है, जिससे संदेह और गहरा हो गया है कि स्थानीय स्तर पर भी कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ हो सकती हैं।
ज्योति ने अपनी पाकिस्तान यात्राओं को धार्मिक यात्रा और अल्पसंख्यक जुड़ाव के रूप में बताया, लेकिन यात्रा दस्तावेज़ बताते हैं कि उसकी गतिविधियाँ पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा तक फैली थीं, जो आतंकी नेटवर्क का केंद्र माना जाता है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ज्योति की दानिश से मुलाकात एक एजेंट हरकीरत के माध्यम से हुई थी। हरकीरत के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, और माना जा रहा है कि यह एजेंट कई अन्य भारतीयों को ISI के संपर्क में लाने का कार्य कर रहा था।
ज्योति के यूट्यूब चैनल पर अब पुलिस की नजर है। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह पिछले एक साल से प्रो-पाकिस्तान नैरेटिव को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ावा दे रही थी, जिससे वह ISI की एक 'डिजिटल एसेट' बन चुकी थी।