Madras High Court On Coolie: रजनीकांत की फिल्म कुली को मद्रास हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. फिल्म रिलीज़ होने के कुछ दिनों के बाद सेंसर बोर्ड से मिले A सर्टिफिकेट के खिलाफ फिल्ममेकर्स ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. पर कोर्ट से भी सन पिक्चर्स को कोई राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने साफ कर दिया है कि इस फिल्म को थिएटर्स में 18 साल से कम उम्र के लोग नहीं देख सकते हैं. मेकर्स ने कोर्ट में याचिका दायर की थी और अपील की थी कि कुली को 1957 के कॉपीराइट एक्ट के सेक्शन 5 के तहत U/A सर्टिफिटेक दिया जाए. पर इस अपील को जस्टिस टीवी तमिलसेवी ने खारिज कर दिया.
कोर्ट में सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) का पक्ष रख रहे एडिशनल सोलिसिटर जनरल एआरएल सुंदरेसन ने कहा कि U/A सर्टिफिकेट के लिए सेंसर बोर्ड ने जो भी कट फिल्म में लगाने को कहा था, उसकी जानकारी प्रोडक्शन हाउस अच्छे से थी. उन्होंने कहा कि रजनीकांत स्टारर इस फिल्म को A सर्टिफिकेट इसलिए दिया गया है क्योंकि इसमें धमकियां, बेदर्दी से की गई हत्याएं, स्मोकिंग और ड्रिंकिंग के सीन हैं. मेकर्स इन सीन को डिलीट करने को तैयार नहीं हुए जिसके बाद सेंसर बोर्ड ने फिल्म को A सर्टिफिकेट दिया
कुली बनाने वालों ने क्या कहा?कोर्ट में कुली के मेकर्स की ओर से पेश हुए वकील जे रविंद्रन ने कहा कि तमिल फिल्मों में आमतौर पर ऐसे फाइट सीन्स होते ही हैं. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि फिल्म की टीम ने सीबीएफसी के आदेशों का पालन करते हुए आपत्तिजनक भाषा को हटा दिया था और शराब वाले सीन को ब्लर भी कर दिया था. उन्होंने इस दौरान कोर्ट में केजीएफ जैसी फिल्मों का हवाला देते हुए कहा कि कुली हिंसा को ग्लोरिफाई नहीं करती है. हालांकि कुली के मेकर्स की ओर से पक्ष रख रहे वकील की बात को कोर्ट ने नहीं माना और याचिका खारिज कर दी.
500 करोड़ कमा चुकी है फिल्ममद्रास हाईकोर्ट से फिल्म को भले ही राहत नहीं मिली, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर रजनीकांत की ये फिल्म वर्ल्डवाइड 500 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है. फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 15 दिनों में 270 करोड़ से ज्यादा का बिज़नेस कर लिया है. कुली का निर्देशन लोकेश कनगराज ने किया है. इसमें नागार्जुन विलेन की भूमिका में दिखाई दिए हैं. फिल्म में आमिर खान भी कैमियो करते नज़र आए.