Shukra Pradosh Vrat 2025: सितंबर में पहला प्रदोष व्रत कब? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा के अचूक लाभ!
TV9 Bharatvarsh August 29, 2025 06:42 PM

Shukra Pradosh Vrat 2025: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. यह व्रत हर महीने के दोनों पक्षों (शुक्ल और कृष्ण) की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. इसे विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रेष्ठ माना गया है. प्रदोष काल में की गई पूजा से भक्तों के सभी दुख दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है.

सितंबर 2025 में पहला प्रदोष व्रत कब है?
  • पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह का पहला प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाएगा.
  • त्रयोदशी तिथि आरंभ: 05 सितंबर, सुबह 04 बजकर 08 मिनट
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त: 06 सितंबर, तड़के 03 बजकर 12 मिनट
  • उदया तिथि के अनुसार, यह व्रत 05 सितंबर 2025, शुक्रवार को रखा जाएगा.
शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल)

प्रदोष व्रत की पूजा का सबसे सही समय सूर्यास्त के बाद का माना गया है, जिसे प्रदोष काल कहते हैं. इस दौरान शिव-पार्वती की आराधना करने से व्रत का पूर्ण फल मिलता है.

प्रदोष व्रत की पूजा विधि

व्रत रखने वाले भक्त सुबह स्नान करके शिवजी का संकल्प लें. पूरे दिन व्रती फलाहार या निर्जला उपवास कर सकते हैं. संध्या समय प्रदोष काल में भगवान शिव-पार्वती की पूजा करें. शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, शहद, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित करें.ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करें. सबसे आखिर में आरती कर परिवार की मंगलकामना करें.

प्रदोष व्रत के अचूक लाभ
  • रोग और दोष से मुक्ति: प्रदोष व्रत रखने से व्यक्ति को सभी प्रकार के रोगों और दोषों से मुक्ति मिलती है.
  • सुख-समृद्धि: यह व्रत घर में सुख-समृद्धि लाता है और धन-धान्य की कमी नहीं होती.
  • मनोकामना पूर्ति: सच्चे मन से व्रत रखने पर भगवान शिव सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.
  • मोक्ष प्राप्ति: प्रदोष व्रत मोक्ष प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त करता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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