कुंडा में भ्रष्टाचार के मामलों ने जनता की धैर्य परीक्षा ली है, लेकिन एंटी करप्शन और विजिलेंस टीम की सक्रियता ने अब तक कई ऐसे दागियों को न्याय के कटघरे में लाकर जेल भेजा है। जिले में पिछले दो वर्षों में विद्युत विभाग के जेई, राजस्व कर्मी और डाक कर्मियों सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी भ्रष्टाचार में शामिल पाए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, भ्रष्टाचार की यह लंबी श्रृंखला लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। बिजली कनेक्शन, राजस्व प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं के लाभ और डाक सेवाओं से जुड़े मामलों में रिश्वतखोरी और गैरकानूनी गतिविधियाँ आम हो गई थीं।
विजिलेंस और एंटी करप्शन टीम ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष अभियान चलाया। टीम ने शिकायतों की जांच, दस्तावेज़ों का सत्यापन और संदिग्ध कर्मचारियों के खिलाफ साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि कार्रवाई में विद्युत विभाग के जेई से लेकर राजस्व कर्मी और डाक विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी आम जनता से रिश्वत लेकर सरकारी कामों को रोकते या धीमा करते थे। टीम की सतर्कता और जांच के बाद कई ऐसे मामलों का पर्दाफाश हुआ, जो वर्षों से दबे हुए थे।
स्थानीय लोग अब प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की इस लंबी जड़ को तोड़ने के लिए विजिलेंस टीम की पहल बेहद जरूरी थी। वहीं, टीम के अधिकारी भी कहते हैं कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए निरंतर निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस कार्रवाई केवल दागियों को सजा देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही सिस्टम में सुधार, प्रक्रियाओं को आसान और पारदर्शी बनाना भी आवश्यक है। इसके लिए डिजिटलाइजेशन और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करना जरूरी है।
जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि वे सरकारी कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार की अवैध मांग या रिश्वत के मामले की तुरंत जानकारी प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाएगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
पिछले दो वर्षों में हुई कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि कुंडा में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विजिलेंस और एंटी करप्शन टीम लगातार सक्रिय हैं और आने वाले समय में भी ऐसी हरकतों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस पहल से न केवल भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आएगी, बल्कि आम जनता का सरकारी तंत्र और कर्मचारियों के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा। कुंडा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई प्रशासन की जिम्मेदारी और जनता के हित के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट उदाहरण है।