जिले के हथिगवां में एक बेहद ही दर्दनाक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक बेटे ने अपने पिता की सोते समय फावड़े से वार कर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल फावड़ा बरामद किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता अक्सर उसे डांटते थे और बाहर जाकर कमाने के लिए कहते थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। इसी कारण उसने कथित तौर पर गुस्से और हताशा में आकर यह अपराध किया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक टीम बुलाकर साक्ष्यों को सुरक्षित किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, आरोपी के बयान के आधार पर हत्या के पीछे के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी मामला पहले जिले में सामने नहीं आया और यह पूरी तरह से सदमे की स्थिति है। ग्रामीणों ने कहा कि अक्सर घरेलू विवाद छोटे होते हैं, लेकिन इस घटना ने इसे एक भयंकर रूप दे दिया।
अदालत में पेशी के बाद आरोपी बेटे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा और हत्या के मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी बेटे को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। यह मानसिक और सामाजिक दृष्टिकोण से एक गंभीर चेतावनी है कि घरेलू हिंसा और पारिवारिक तनाव कभी-कभी बहुत ही गंभीर रूप ले सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएँ न केवल परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को हिलाकर रख देती हैं। उन्होंने परिवार और समाज से अपील की है कि वे मानसिक स्वास्थ्य, तनाव और पारिवारिक विवादों को गंभीरता से लें और समय रहते समाधान की कोशिश करें।
प्रतापगढ़ पुलिस ने इस घटना की गहन जांच के लिए अतिरिक्त टीमों को लगाया है और पड़ोसियों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य घटना के सभी पहलुओं को उजागर करना और दोषियों को न्यायालय के सामने लाना है।
हथिगवां में हुई इस दुखद घटना ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी घरेलू हिंसा या असामाजिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इस घटना ने यह संदेश दिया है कि पारिवारिक विवाद और तनाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संबंधों की देखभाल न केवल व्यक्तिगत जीवन के लिए, बल्कि समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।