लाइव हिंदी खबर :- विजयवाड़ा स्थित CBI विशेष अदालत ने शुक्रवार 28 नवंबर 2025 को दक्षिण मध्य रेलवे के तत्कालीन असिस्टेंट डिवीजनल इंजीनियर मट्टा धर्मा राव को रिश्वतखोरी के मामले में दोषी ठहराते हुए एक साल की सादा कैद और 1,500 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। मामला भिमावरम, पश्चिम गोदावरी जिले का है, जहां धर्मा राव तैनात थे।
CBI के मुताबिक, मट्टा धर्मा राव पर अपने कार्यक्षेत्र में एक ठेकेदार से कामकाज में सुविधा देने के बदले रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का आरोप था। शिकायत के आधार पर CBI ने जाल बिछाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान CBI ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और जब्त किए गए दस्तावेजों के आधार पर आरोपों को साबित किया।

काफी समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत सबूतों से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी ने अपने आधिकारिक पद का गलत इस्तेमाल किया और व्यक्तिगत लाभ के लिए रिश्वत मांगने जैसी भ्रष्ट गतिविधि में शामिल थे। कोर्ट ने इसे गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए उन्हें दोषी करार दिया।
सजा सुनाए जाने के बाद CBI ने कहा कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए एजेंसी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी भी विभाग में रिश्वतखोरी या पद के दुरुपयोग की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। अदालत के इस फैसले को सरकारी विभागों में जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।