छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार से तीन दिवसीय 60वीं DGP/IGP कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हो गई. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इसका औपचारिक उद्घाटन करते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी. सम्मेलन 30 नवंबर तक चलेगा, जिसमें देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारी शामिल हो रहे हैं.
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अगली DGP/IGP कॉन्फ्रेंस से पहले देश पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा. उन्होंने बताया कि पिछले सात वर्षों में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाए गए हैं, जिससे सुरक्षा ढांचे को मजबूत आधार मिला है. शाह ने कहा कि 2014 में नक्सल प्रभावित 126 जिलों की संख्या अब घटकर सिर्फ 11 रह गई है, जो इस मोर्चे पर बड़ी सफलता है. वहीं शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे. वे शुक्रवार रात रायपुर पहुंच चुके हैं और दो दिनों तक यहां प्रवास करेंगे. प्रधानमंत्री इस सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे.
40 साल से देश के लिए चुनौती नक्सलवादअमित शाह ने दावा किया कि पिछले 40 साल से देश के लिए चुनौती बने नक्सलवाद, नॉर्थ-ईस्ट और जम्मू-कश्मीर के मुद्दों का स्थायी समाधान मोदी सरकार ने निकाला है. उन्होंने कहा कि जल्द ही ये क्षेत्र देश के अन्य हिस्सों की तरह पूरी तरह सामान्य वातावरण वाले बन जाएंगे. गृहमंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने NIA, UAPA को और मजबूत किया है और तीन नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से देश की पुलिसिंग को विश्व की सबसे आधुनिक पुलिसिंग में बदलने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया है. उन्होंने PFI पर लगाए गए प्रतिबंध और देशभर में समन्वित कार्रवाई को केंद्र-राज्य सहयोग का बेहतरीन उदाहरण बताया.
संगठित अपराध पर 360 डिग्री प्रहारअमित शाह ने कट्टरता, उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ Intelligence की accuracy, objective की clarity और action synergy को प्रमुख रणनीति बताया. उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स और संगठित अपराध पर 360 डिग्री प्रहार करने का समय आ गया है, ताकि अपराधियों को देश में कहीं भी पनाह न मिल सके.
ड्रग माफियाओं और उनके आकाओं पर बड़ी कार्रवाईअमित शाह ने राज्यों की पुलिस से अपील की कि वे NCB के साथ मिलकर अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय ड्रग माफियाओं और उनके आकाओं पर बड़ी कार्रवाई करें. इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह के साथ NSA अजीत डोभाल, गृहसचिव गोविंद मोहन, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और संजय बंडारू भी मौजूद रहे.
सम्मेलन में जिन प्रमुख मुद्दों पर तीन दिनों तक मंथन होगा, उनमें शामिल हैं—* वामपंथी उग्रवाद
* आतंकवाद-रोधी रणनीतियाँ
* आपदा प्रबंधन
* महिला सुरक्षा
* फॉरेंसिक विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग