धर्मेंद्र के इश्क और हेमा मालिनी से शादी के लिए धर्म परिवर्तन की हकीकत और फसाने पर चर्चा करने से पहले उनके एक शेर पर गौर फरमाइए. यह शेर धर्मेंद्र ने खुद एक इंटरव्यू में सुनाया था. वह कुछ इस प्रकार है- जायज़ा जायज़ हो नाजायज़ नहीं… तनकीद तनकीद हो तंज नहीं… सोच लेना हर बात कहने से पहले… घाव तलवार का भर जाता है लब्ज़ का नहीं. इस शेर में जायज़ा का मतलब पड़ताल से है और तनकीद का आशय आलोचना से. आलोचना में तंज नहीं होना चाहिए. धर्मेंद्र ने यह शेर तब सुनाया जब इंटरव्यू में उनसे सवाल शराब और शबाब के सिलसिले में शुरू हो गया था. धर्मेंद्र कहना चाहते हैं- जो इबारत लिख दी जाती है वही इतिहास बन जाता है. ज़माने बदलते जाते हैं लेकिन फसाना मुश्किल से बदलता है.
हमने अपने पिछले दिनों एक आर्टिकल में धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के रिश्ते और मोहब्बत पर विस्तार से लिखा था. आप इस लिंक को क्लिक करके उसे भी विस्तार से पढ़ सकते हैं. उस लेख में बताया गया था धर्मेंद्र हेमा मालिनी से कितनी शिद्दत से मोहब्बत करते थे. हेमा का प्यार पाने के लिए धर्मेंद्र ने कितनी मेहनत की. कितना संघर्ष किया. बदनामियों के कितनी तीर सहे. दुनिया की नजरों में एक शादीशुदा, चार बच्चों के पिता और एक कुंआरी कन्या के बीच प्रेम और शादी भले ही नाजायज़ जायज़ा की वजह हो लेकिन दोनों ने इस प्रेम कहानी को जिस अंजाम तक पहुंचाया और उसे सालों साल जितनी सादगी और मर्यादा के साथ निभाया, वह फिल्म इंडस्ट्री जैसी जगह के लिए एक मिसाल है.
शादी और मजहब का फसानालेकिन आज जायज़ा धर्मेंद्र-हेमा मालिनीके मजहब बदलकर शादी करने का. जो फसाना है उसके मुताबिक धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की शादी में कई अड़चनें थीं. धर्मेंद्र चार बच्चों के पिता थे. पहली पत्नी प्रकाश कौर ने तलाक देने से इनकार कर दिया था. लेकिन धर्मेंद्र और हेमा शादी करने के लिए बेताब थे. अब हिंदू विवाह अधिनियम के मुताबिक पहली पत्नी से बिना कानूनी तलाक के दूसरी शादी कैसे संभव हो सकती है. फसाने के मुताबिक प्रकाश कौर के इनकार करने पर धर्मेंद्र और हेमा मालिनी ने मजहब बदलकर शादी करने की ठानी.
इस फसाने का वाकया सन् 1989 का है. धर्मेंद्र ने अपना नाम रखा- दिलावर खान और हेमा मालिनी ने नाम रखा- आयशा. दोनों का जो निकाहनामा लिखा गया, उसके मुताबिक दिलावर खान केवल कृष्ण (उम्र 44 वर्ष) ने 21 अगस्त, 1989 को 1,11,000 रुपये के मेहर की रकम पर आयशा बी. (उम्र 29 वर्ष) को अपनी पत्नी के तौर पर स्वीकार किया. आज कुछ लोग कहते हैं कि तब इस विवाह पर विवाद भी खूब हुए. तब के मीडिया में निकाह कराने वाले काजी का नाम और उसका बयान भी आया था. धर्मेंद्र पर पहली पत्नी को छोड़ने और हेमा पर एक बसे बसाये परिवार को उजाड़ने के गंभीर आरोप लगे.
इसके बाद एक फसाना यह भी सामने आया कि गुप्त विवाह के बाद धर्मेंद्र और हेमा मालिनी ने कई लोगों के सामने दोबारा विवाह किया. इसमें परिवार के सदस्य भी शामिल हुए. दूसरी बार धर्मेंद्र-हेमा का विवाह अयंगर रीति रिवाज से संपन्न कराया गया. धर्मेंद्र और हेमा ने रजामंदी से अयंगर विधि से विवाह किया. हेमा मालिनी अयंगर ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती हैं. इसलिए यह विधि अपनाई गई.
फोटो- हेमा मालिनी एक्स
क्या गैर-कानूनी था दूसरा विवाह?आखिर इस फसाने की हकीकत क्या है, इसका जायज़ा आज भी जारी है. हेमा की जीवनी बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल में भी इस बारे में विस्तार से जिक्र है. वहीं धर्मेंद्र और हेमा मालिनी से इस संबंध में कई इंटरव्यूज हुए. उन्होंने हर बार इस आरोप को खारिज किया. बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल में भी मजहब बदलने के मसले को गलत तथ्य करार दिया गया है. धर्मेंद्र बार-बार कहते रहे कि मैं उस तरह का शख्स नहीं हूं जो अपने मतलब के लिए अपना धर्म बदल लूं. हमारा दूसरा विवाह नितांत निजी मसला है. लेकिन सवाल अहम हो जाता है कि अगर उन्होंने मजहब नहीं बदला और बिना तलाक के दूसरी शादी की तो क्या ये गैरकानूनी विवाह नहीं हो गया? ये सवाल फिल्म प्रेमियों और धर्मेंद्र-हेमा के प्रशंसकों से उठकर सियासी गलियारे तक पहुंच गया.
धर्मेंद्र के चुनावी हलफनामे में क्या लिखा है?साल 2004 में जब धर्मेंद्र ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए बीकानेर से नामांकन पत्र भरा तो उसके विवरण पर कांग्रेस पार्टी ने सवाल उठा दिए. धर्मेंद्र ने जो चुनावी हलफनामा पेश किया, उसमें पत्नी वाले कॉलम में संपत्ति का तो जिक्र किया लेकिन पत्नी के नाम का नहीं. कांग्रेस ने सवाल उठाया कि पत्नी की जो संपत्ति बताई गई है वह प्रकाश कौर की है, न कि हेमा मालिनी की. धर्मेंद्र के उस शपथ पत्र से यह बिल्कुल जाहिर नहीं हो रहा था कि उनकी दो पत्नी हैं या हेमा मालिनी ही उनकी पत्नी हैं.
हालांकि करीब एक दशक बाद जब सन् 2014 में हेमा मालिनी मथुरा लोकसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरीं तो उन्होंने जो हलफनामा प्रस्तुत किया, उसमें अपति का नाम धर्मेंद्र देओल साफ शब्दों में लिखा गया था. हेमा मालिनी ने संपत्ति का ब्योरा भी विस्तार से दिया. लेकिन कांग्रेस ने हेमा मालिनी पर भी अपने शपथ पत्र में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया था, जिसके जवाब में हेमा इसे नितांत निजी मसला कहकर खारिज कर दिया. गौरतलब है कि हेमा हमेशा सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र के साथ तस्वीरें शेयर करती रहीं हैं. यहां तक कि उनकी दोनों बेटियों ईशा और अहाना के साथ भी धर्मेंद्र की तस्वीरें आती रहीं. ईशा और अहाना अपना सरनेम बतौर ‘देओल’ लिखती हैं.
प्रकाश कौर ने विवाद आगे नहीं बढ़ाया24 नवंबर को धर्मेंद्र के निधन के बाद आज एक बार फिर दोनों की शादी और धर्म की हकीकत और फसाने की चर्चा आम है. लेकिन सच्चाई तो यही है कि दोनों युगल जमाने के तंज और तानों की बगैर परवाह किए सफल वैवाहिक जीवन बिताते गए. धर्मेंद्र वैसे भी अफवाहों और फसानों की फिक्र कम ही करते थे. दूसरी तरफ उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर ने भी विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहा. उन्होंने धर्मेंद्र का पूरा साथ दिया. बच्चों की परवरिश का ख्याल रखा. परिवार की एकजुटता को प्रमुखता दी.
हालांकि उन्होंने हेमा मालिनी की भी आलोचना नहीं की. उन्होंने पूरे दमखम के साथ कहा कि हेमा इतनी हसीन हैं, कि कोई भी मर्द उनसे प्यार करना चाहेगा. वैसे उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को नहीं बख्शा. उन्होंने यह भी कहा कि इस इंडस्ट्री में तो ज्यादातर हीरो ऐसा ही करते हैं तो अकेले उनके पति पर ही तंज क्यों? वास्तव में संयम और मर्यादा का ख्याल दोनों परिवार की तरफ से बरता गया. धर्मेंद्र इसीलिए कहते रहे- तनकीद तनकीद हो तंज नहीं.
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