कोच्चि, 28 नवंबर। 2017 में हुई मलयालम एक्ट्रेस असॉल्ट केस से संबंधित मामले की रिपोर्टिंग पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन करने के आरोप में मीडिया संस्थानों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की स्थिति पर केरल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
यह आदेश जस्टिस सी. प्रतीप कुमार ने उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसे मामले के आठवें आरोपी अभिनेता दिलीप ने दायर किया है। दिलीप का कहना है कि कुछ मीडिया संगठनों ने अदालत के आदेश का उल्लंघन करते हुए इन-कैमरा ट्रायल की कार्यवाही को प्रकाशित किया।
दिलीप ने यह भी बताया कि अदालत के 18 जनवरी 2022 के आदेश के बाद से एफआईआर में कोई ठोस जांच नहीं हुई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, “इस याचिका का उद्देश्य पहले ही पूरा हो चुका है।” हालांकि, बचाव पक्ष ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया का तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचना आवश्यक है।
सार्वजनिक अभियोजक ने जांच एजेंसियों से निर्देश प्राप्त करने के लिए और समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया और मामले की सुनवाई अगले सप्ताह तक स्थगित कर दी।
इस बीच, एर्नाकुलम के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशंस कोर्ट द्वारा 8 दिसंबर को इस मामले में फैसला सुनाए जाने की संभावना है। यह मामला फरवरी 2017 में कोच्चि के बाहरी इलाके में एक प्रसिद्ध मलयालम अभिनेत्री के अपहरण और कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित है।
दिलीप पर आरोप है कि उन्होंने साजिश रचकर अपराधियों को हायर किया, जिन्होंने इस हमले को अंजाम दिया।
इस ट्रायल में छह से अधिक वर्षों में 200 से अधिक गवाहों के बयान, कई फॉरेंसिक परीक्षण और मीडिया रिपोर्टिंग से संबंधित कई कानूनी लड़ाइयां शामिल रहीं।
फैसले का इंतजार न केवल केरल फिल्म उद्योग बल्कि पूरे राज्य के लोगों को है।