एक अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े धनशोधन मामले में आठ महीनों के भीतर 331 करोड़ रुपए से अधिक राशि एक बैंक खाते में जमा होने के पीछे की जांच करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम बाइक-टैक्सी चालक के दरवाजे पर पहुंची. यह चालक एक मशहूर कैब सेवा प्रदाता कंपनी के साथ काम करता था.
जांचकर्ताओं ने बिना समय गंवाए यह पता लगाया कि यह अवैध राशि ठिकाने लगाने के लिए एक म्यूल खाते के इस्तेमाल का मामला है. अधिकारियों ने बताया कि ईडी वनएक्सबेट ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े धनशोधन मामले की जांच करते हुए रैपिडो चालक तक पहुंचा. इस घटनाक्रम पर रैपिडो की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है.
ड्राइवर के बैंक खाते में करोड़ों रुपए जमाअधिकारियों के अनुसार, चालक के बैंक खाते में 19 अगस्त 2024 से 16 अप्रैल 2025 के बीच कुल 331.36 करोड़ रुपए जमा हुए. संघीय एजेंसी ने चालक के बैंक रिकॉर्ड में दिए गए पते पर छापा मारा. जांच में पता चला कि चालक दिल्ली के एक साधारण इलाके में दो कमरों वाली झुग्गी में रहता है और जीविका के लिए दिनभर मोटरसाइकिल चलाता है.
उदयपुर में VIP शादी की फंडिंगईडी का ध्यान इस बात पर भी गया कि जमा राशि में से एक करोड़ रुपए से अधिक की रकम राजस्थान के उदयपुर के एक होटल में आयोजित भव्य शादी समारोह के खर्चों के लिए इस्तेमाल की गई थी. अधिकारियों के अनुसार, यह शादी गुजरात के एक युवा नेता से जुड़ी है, जिन्हें जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है.
ड्राइवर भी परेशानवहीं जब ईडी ने बाइक ड्राइवर को पूछताछ के लिए बुलाया तो वो दंग रह गया कि उसके नाम से करोड़ों का लेन-देन हुआ है. उसने साफ कहा कि उसका शादी से कोई लेना-देना नहीं, वो ना दूल्हा-दुल्हन को जानता है और ना ही उसे पता है कि उसके अकाउंट में इतने पैसे कैसे आए और गए. अब ईडी को शक है कि ड्राइवर की KYC डिटेल्स या तो चोरी की गई या किसी रैकेट ने उसे झांसा देकर हासिल की और उसके नाम पर एक ऐसा बैंक अकाउंट ऑपरेट किया गया जो बिल्कुल फर्जी था.
शादी से जुड़े खर्च को छुपाने की कोशिशजांच में ये भी सामने आया कि शादी से जुड़े खर्च को छुपाने के लिए कई तरीके अपनाए गए. आदित्य जुला ने अपने ट्रैवल एजेंट को करीब 18 लाख कैश दिए थे. वहीं, शादी की बुकिंग एडजस्ट करने के लिए 17 अलग-अलग पैन नंबर इस्तेमाल किए गए. इतने पैन नंबर का इस्तेमाल साफ इशारा करता है कि खर्च को ट्रैक होने से बचाने के लिए एक सोचा-समझा नेटवर्क काम कर रहा था.
ED को इस पूरे सेटअप में बेटिंग नेटवर्क का भी लिंक मिला है, यानी बेटिंग ऐप से आया अवैध पैसा फर्जी अकाउंट में डाला गया और फिर कई रूट्स से घुमाकर खर्च किया गया ताकि असली स्रोत छुपा रहे.
बड़े नेटवर्क की आशंकाED को शक है कि ये शादी सिर्फ एक केस नहीं बल्कि उसी बड़े नेटवर्क की झलक है जो हाई-प्रोफाइल इवेंट्स, लग्जरी फंक्शन्स और बड़े भुगतान को कवर बनाकर अवैध पैसों को साफ दिखाने का नया तरीका इस्तेमाल कर रहा है..म्यूल (फेक) अकाउंट्स का इस्तेमाल पहले तक छोटे फ्रॉड्स में देखा जाता था..लेकिन अब जांच में पता चल रहा है कि बड़े आयोजनों की फंडिंग भी इन्हीं फर्जी अकाउंट्स से की जा रही है..
ED ने आम लोगों को सलाह दी है कि कभी भी अपने बैंक अकाउंट, ATM कार्ड, KYC डॉक्यूमेंट या PAN जैसी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति या संस्था को न दें. कई बार मामूली सी लापरवाही लोगों को करोड़ों के मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट में फंसा देती है.