रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के अगले हफ्ते भारत दौरे पर से आने से पहले भारत ने अमेरिका के साथ बड़ा करार किया है. भारत ने अपनी नौसेना के 24 सीहॉक हेलीकॉप्टर (Seahawk Helicopters) बेड़े को लेकर 5 साल के “फॉलो ऑन सपोर्ट” यानी सतत समर्थन के मकसद से पैकेज के हिस्से के तौर पर अमेरिका के साथ करीब 8 हजार करोड़ की डील की है.
भारत और अमेरिका के बीच यह करार ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अगस्त में भारतीय वस्तुओं पर कुल 50 फीसदी का टैरिफ लगाये जाने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बना हुआ है.
हर मौसम के लिए कारगर ये हेलीकॉप्टररक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने एमएच60आर हेलीकॉप्टर बेड़े के संबंध में अमेरिका के साथ करीब 7,995 करोड़ रुपये के प्रस्ताव और स्वीकृति पत्र (Letters of Offer and Acceptance,LOAs) पर हस्ताक्षर किए हैं. लॉकहीड मार्टिन कॉर्पोरेशन द्वारा तैयार ये हेलीकॉप्टर सभी मौसम में उपयोग में लाए जाते हैं.
भारत ने करीब 5 साल पहले फरवरी 2020 में 24, एमएच60आर की खरीद के लिए अमेरिका के साथ एक समझौते पर करार किया था. एमएच60आर सीहॉक ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर का समुद्री वैरिएंट है.
2021 में भारत को मिली थी पहली खेफरक्षा मंत्रालय के अनुसार, “फॉलो ऑन सपोर्ट” एक व्यापक पैकेज है जिसमें पुर्जों, सहायक उपकरणों, उत्पाद समर्थन, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता और पुर्जों की मरम्मत समेत कई तरह के प्रावधान शामिल हैं.” मंत्रालय ने कहा, “इन फैसिलिटी की वजह से देश में लंबे समय तक के लिए कैपेबिलिटी बिल्ड-अप होगा और अमेरिकी सरकार पर निर्भरता कम करेगा, इस तह से यह आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी पूरा करेगा.”
मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी कहा, “इस करार की वजह से MSMEs (मिनिस्ट्री ऑफ माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) और अन्य भारतीय फर्मों के जरिए स्वदेशी उत्पादों और सेवाओं के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.” साथ ही सस्टेनमेंट सपोर्ट से MH60R हेलीकॉप्टरों की ऑपरेशनल उपलब्धता और मेंटेनेंस के मामले में काफी सुधार होगा, जिनमें एंटी-सबमरीन वॉरफेयर क्षमता भी है. पहले 3 MH-60R हेलीकॉप्टर 2021 में ही भारत को मिल गए थे.