एक कुख्यात सीरियल किलर जिसने अपने शिकारों की हत्या कर उनका रेप कर उनके शवों के गुप्त अंगों को चाकू से कटता…यह मामला लगभग 130 सालों तक रहस्य बना रहा।
CricketDhamaal Hindi November 29, 2025 03:43 PM

जैक द रिपर (Jack the Ripper) इतिहास का एक ऐसा अज्ञात सीरियल किलर है, जिसके नाम से आज भी लंदन के अंधेरे गलियारों में सिहरन पैदा हो जाती है। यह वहशी हत्यारा 19वीं सदी के अंत में, खासकर 1888 की शरद ऋतु (Autumn) में, सक्रिय था। उसने लंदन के ईस्ट एंड स्थित व्हाइटचैपल के भीड़भाड़ वाले और गरीब इलाके को दहशत का गढ़ बना दिया था।

जैक द रिपर’ एक छद्म नाम है। आपराधिक रिकॉर्ड और उस समय की पत्रकारिता में उसे ‘व्हाइटचैपल मर्डरर’ या ‘लेदर एप्रन’ जैसे नामों से भी जाना जाता था।

जैक द रिपर के हमलों में आम तौर पर ऐसी महिलाएँ शामिल होती थीं जो वेश्यावृत्ति के पेशे से जुड़ी थीं और व्हाइटचैपल की मलिन बस्तियों (Slums) में रहती थीं। पुलिस के अनुसार, आधिकारिक तौर पर पाँच महिलाओं की हत्याओं को ‘जैक द रिपर’ से जोड़ा गया, जिन्हें “कैनोनिकल फाइव” के नाम से जाना जाता है:मैरी एन निकोल्स (Mary Ann Nichols)एनी चैपमैन (Annie Chapman)एलिजाबेथ स्ट्राइड (Elizabeth Stride)कैथरीन एडडॉवेस (Catherine Eddowes)मैरी जेन केली (Mary Jane Kelly)

हत्या का तरीका अत्यंत क्रूर था। हत्यारा पहले धारदार हथियार से गला रेतकर (Throats cut) महिलाओं को मारता था, और फिर उनके पेट और अंदरूनी अंगों को क्षत-विक्षत (Mutilated) कर देता था। शरीर के अंगों को काटने के उसके तरीके से यह अंदाज़ा लगाया गया कि उसे शरीर रचना विज्ञान (Anatomy) या सर्जरी की कुछ जानकारी थी।

इस सीरियल किलर का नाम उस समय चर्चा में आया जब मीडिया हाउस और स्कॉटलैंड यार्ड (पुलिस मुख्यालय) को कई गुमनाम पत्र मिलने लगे। इन पत्रों को भेजने वाले ने खुद को हत्यारा बताते हुए ‘जैक द रिपर’ के नाम से हस्ताक्षर किए थे।’डियर बॉस’ पत्र: यह सबसे प्रसिद्ध पत्र था, जिसे प्रेस में व्यापक रूप से प्रसारित किया गया। इसी के बाद इस अज्ञात हत्यारे को यह खौफनाक नाम मिला।हालांकि, कई विशेषज्ञों का मानना है कि ये पत्र, खासकर ‘डियर बॉस’ पत्र, पत्रकारों द्वारा अखबार की बिक्री बढ़ाने के लिए किया गया एक धोखा (Hoax) भी हो सकता है।

दुनिया भर में सनसनी मचाने के बावजूद, जैक द रिपर आज तक पकड़ा नहीं गया। यह ब्रिटिश आपराधिक इतिहास का सबसे बड़ा अनसुलझा रहस्य बना हुआ है।समय के साथ, कई लोगों को संदिग्ध माना गया। इनमें वकील मोंटेग ड्रुइट, रूसी अपराधी माइकल ऑस्ट्रोग और पोलिश अप्रवासी आरोन कोस्मिंस्की (Aaron Kosminski) शामिल थे। कुछ आधुनिक डीएनए साक्ष्यों ने कोस्मिंस्की को सबसे प्रमुख संदिग्ध बनाया है, लेकिन उसकी पहचान पर अभी भी कानूनी सहमति नहीं बन पाई है।

यह कहानी उस दहशत, गरीबी और मीडिया के जुनून का प्रतीक है जो 1888 के विक्टोरियन लंदन को एक सीरियल किलर ने दे दी थी।

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