दिल्ली विस्फोट, शाहीन के हॉस्टल रूम से मिले 18 लाख, टेरर फंडिंग का शक
Webdunia Hindi November 29, 2025 11:44 PM


18 lakh cash recovered from Shaheens room: राजधानी दिल्ली के लाल किला के पास हुए कार विस्फोट के मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की टीम ने गुरुवार रात अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉ. शाहीन शाहिद के हॉस्टल रूम से 18 लाख रुपए नकद बरामद किए। रूम नंबर 32 में एक अलमारी के अंदर मिले कैश के बंडलों से यह शक और बढ़ गया है कि यह पैसा यूनिवर्सिटी के अंदर से काम कर रहे 'व्हाइट-कोट टेरर मॉड्यूल' को फंड करने के लिए अलग रखा गया होगा। शाहीन को 10 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।

शाहीन को NIT इलाके की एक दुकान पर स्पॉट आइडेंटिफिकेशन के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस लाया गया, जहां से कथित तौर पर एक्सप्लोसिव बनाने के लिए केमिकल खरीदे गए थे। बताया जा रहा है कि NIA टीम पहले उसे एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक ले गई, जहां उसने एक लॉकर दिखाया जिसका उसने इस्तेमाल किया था। वहां से उसे उसके हॉस्टल रूम ले जाया गया, जहां 18 लाख रुपए बरामद हुए। NIA अधिकारियों ने कमरे में ही कैश की गिनती की और पैसे जब्त कर लिए।

कहां से आया फंड : अधिकारियों ने कहा कि वे अब फंड के सोर्स का पता लगा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उन्हें मॉड्यूल के नेटवर्क के जरिए भेजा गया था। ट्रांसफर में मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान करने के लिए तलाशी भी शुरू की गई है। जब्ती के बाद NIA ने कैंपस में शाहीन की हरकतों को मैप किया, उसे मेडिकल वार्ड, क्लासरूम और डॉक्टर के केबिन में ले जाकर उसके डेली रूटीन को फिर से बनाया और संभावित साथियों की पहचान की।

अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी उन स्टूडेंट्स, स्टाफ और दूसरे लोगों की लिस्ट बना रही है जिनसे उसने टेरर नेटवर्क बनाने के दौरान संपर्क किया होगा। सूत्रों के मुताबिक, शाहीन अल-फलाह में पढ़ाने के दौरान भी मॉड्यूल में एक्टिव रही और यूनिवर्सिटी के अंदर और बाहर अपने कॉन्टैक्ट्स का दायरा बढ़ाने के लिए काम करती रही।

मुजम्मिल के ठिकानों का भी पता लगा : शाहीन को लेकर NIA का ऑपरेशन डॉ. मुजम्मिल अहमद गनी के एक दिन बाद हुआ, जो अल-फलाह का एक और डॉक्टर है, जिसे टेरर मॉड्यूल का हिस्सा होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, उन्हें फरीदाबाद लाया गया, जहां उन्होंने दो दुकानों की पहचान की, जहां से उन्होंने अपने कमरों में रखा अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था। जांच एजेंसी ने मुजम्मिल से जुड़े दो और ठिकानों का भी पता लगाया, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि और विस्फोटक छिपे हो सकते हैं।

यूनिवर्सिटी से कुछ किलोमीटर दूर दो और कमरों में मुजम्मिल ने 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट जमा किया था, जो एक एक्सप्लोसिव मटीरियल है। जांच करने वालों को यह भी पता चला कि उसने इसका ज्यादातर हिस्सा गांव के खेतों में छिपा दिया था, फिर उसे फतेहपुर तगा में एक मौलवी के घर में ले गया था, जिसे उसने किराए पर लिया था।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala

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