उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कफ सिरप की अवैध तस्करी के संगठित रैकेट पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वाराणसी कोतवाली में पहली FIR दर्ज की है. इस एफआईआर में शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद सहित कुल 28 लोगों को के नाम शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी शुभम जायसवाल मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश जारी है.
यह एफआईआर, पिछले महीने से चल रही छापेमारी और करोड़ों रुपये मूल्य के कोडीन युक्त कफ सिरप की बड़ी बरामदगियों से जुड़ी हुई है, जो उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में अवैध रूप से सप्लाई किए जा रहे थे. मामले में 19 अक्टूबर सोनभद्र में इस सिरप की पहली बड़ी खेप सोनभद्र जिले में पकड़ी गई थी. इस दौरान पुलिस ने दो कंटेनरों से 1 लाख 19 हजार 675 शीशियां जब्त की थीं, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये थी.
पुलिस ने पकड़े थे कई खेपमामले में 4 नवंबर को गाजियाबाद में दूसरी और बड़ी खेप पकड़ी गई. तस्कर इस खेप को छिपाने के लिए एक अनोखा तरीका इस्तेमाल कर रहे थे. ये तस्कर छूने की बोरियों (बोरों) और चिप्स के कार्टन के भीतर कफ सिरप छिपाकर ले जा रहे थे. इस छापेमारी में 1 लाख 57 हजार 350 शीशियां कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद की गईं. इस खेप का बाजार मूल्य 3 करोड़ 40 लाख रुपये आंका गया था.
इसके बाद 19 नवंबर को वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में स्थित एक जिम से भी कफ सिरप का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया. यहां से कुल 93,750 शीशियां जब्त की गईं. बरामद की गई शीशियों में 18,600 शीशियां फेन्सेडिल और 75,150 शीशियां एक्सएफ ब्रांड की शामिल थीं.
28 पर नामजद मुकदमा दर्जवाराणसी पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक जाने और अवैध कारोबार में शामिल सभी 28 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही है, ताकि स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करने वाले इस अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जा सके.