ईडी ने मनोज परमार और अन्य साथियों के खिलाफ 2.08 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की
Indias News Hindi November 30, 2025 01:43 AM

Bhopal , 29 नवंबर . Enforcement Directorate (ईडी) Bhopal जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत मनोज परमार और अन्य साथियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए Madhya Pradesh के आष्टा, सीहोर में लगभग 2.08 करोड़ रुपए की 12 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है.

Enforcement Directorate की जांच में यह सामने आया कि मनोज परमार ने तत्कालीन पंजाब नेशनल बैंक, आष्टा ब्रांच के मैनेजर मार्क पायस करारी के सहयोग से दो Governmentी योजनाओं, Prime Minister रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) और Chief Minister युवा उद्यमी योजना (सीएमवाईयूवाई) के तहत धोखाधड़ी से लोन प्राप्त किए थे.

जांच में यह भी सामने आया था कि इन्होंने नकली आवेदन पत्र, जाली दस्तावेज और फर्जी कोटेशन का उपयोग कर कुल 18 लोन मंजूर किए थे, जिनकी कुल राशि 6.20 करोड़ रुपए थी, जिनमें से 6.01 करोड़ रुपए जारी किए गए थे.

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि लोन की मंजूरी के लिए निर्धारित शर्तों को अनदेखा किया गया और ब्रांच मैनेजर की वित्तीय शक्ति से अधिक लोन स्वीकृत किए गए. बाद में बैंक अधिकारियों की ओर से किए गए फील्ड इंस्पेक्शन में यह साबित हुआ कि इन लोन से संबंधित कोई भी व्यवसायिक इकाई नहीं बनाई गई थी, और कई लाभार्थियों ने लोन लेने की बात से मना कर दिया था.

इस धोखाधड़ी के पैसों को मनोज परमार और उसके करीबी सहयोगियों की ओर से नियंत्रित फर्मों के खातों में ट्रांसफर किया गया और फिर इन पैसों को विभिन्न तरीके से सर्कुलेट किया गया, जैसे कि नकद में निकालना और जाली व्यापार गतिविधियां दिखाना.

ईडी के अनुसार, Governmentी सब्सिडी वाले लोन का इस प्रकार से डायवर्ट किया जाना और इस सारे पैसे का मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए सफेद किया जाना दर्शाता है कि इस धोखाधड़ी से अपराध की कमाई हुई थी.

मनोज परमार और उसके सहयोगियों ने मिलकर सार्वजनिक धन का अनुचित उपयोग किया और उसे व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल किया. यह कार्रवाई सीबीआई की ओर से दर्ज First Information Report और चार्जशीट के आधार पर की गई है.

Enforcement Directorate के अधिकारियों के अनुसार अभी इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं. जांच अभी भी जारी है और Enforcement Directorate ने मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई है.

एसएके/डीएससी

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