चुनाव आयोग ने स्पष्ट कहा है कि इन अधिकारियों की अथक मेहनत के बिना निष्पक्ष चुनाव की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उनकी सेवाओं को सम्मान देते हुए, मानदेय में वृद्धि की गई है। सबसे चौंकाने वाला फैसला इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ERO) और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (AERO) के लिए लिया गया है। ये वे अधिकारी हैं जिन पर पूरी प्रक्रिया की निगरानी का दारोमदार होता है, लेकिन इन्हें पहले कोई अलग से मानदेय नहीं मिलता था।
आयोग के असिस्टेंट डायरेक्टर अपूर्व कुमार सिंह द्वारा हस्ताक्षरित प्रेस नोट में कहा गया कि यह कदम फील्ड स्तर पर काम करने वाले लाखों कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने और मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। सही और अपडेटेड वोटर लिस्ट ही स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव की गारंटी है, और इस गारंटी को हकीकत बनाने वाले इन अधिकारियों की मेहनत को अब आखिरकार सही मायनों में सम्मान मिला है!
उल्लेखनीय है कि एसआईआर का पहला चरण बिहार में हुआ था, जबकि दूसरे में 9 राज्यों और 3 केन्द्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई है। इस दौरान तनाव के चलते कई बीएलओ के निधन की खबरें भी सामने आई हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala