तनावपूर्ण और तकनीक के बदलते दौर में 26-27 दिसंबर को कोलकाता में एक बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है. इसका नाम ’16वां वर्ल्ड कॉन्फ्लुएंस ऑफ ह्यूमैनिटी, पावर एंड स्पिरिचुअलिटी’ है. इसे कनोरिया फाउंडेशन (Kanoria Foundation) की पहल पर ‘यूनिवर्सल स्पिरिचुअलिटी एंड ह्यूमैनिटी फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित किया जा रहा है. दुनिया भर के विद्वान, आध्यात्मिक गुरु, वैज्ञानिक, शिक्षाविद और कॉर्पोरेट जगत के दिग्गज इसमें हिस्सा लेंगे. इस साल इस दो दिवसीय कार्यक्रम का थीम ‘आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता’ (Spiritual Intelligence) रखा गया है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य अध्यात्म और ह्यूमैनिटी के जरिए वैश्विक समस्याओं का समाधान ढूंढना है.
पिछले 15 वर्षों से यह कार्यक्रम राजनीति, व्यापार और विज्ञान के दिग्गजों को एक साथ ला रहा है. डॉ. एचपी कनोरिया ने इसकी शुरुआत 2010 में कोलकाता से की थी. उनका मानना है कि असली तरक्की तभी संभव है जब हम अपनी शक्ति का इस्तेमाल इंसानियत और अच्छे विचारों के साथ करें. आज यह एक बड़ा वैश्विक आंदोलन बन चुका है.
इस 16वें एडिशन का क्या है मकसद?इस 16वें एडिशन का खास मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंसानी मूल्यों के बीच संतुलन बनाना है, जहां आज तकनीक सब कुछ बदल रही है. ऐसे में इस सम्मेलन का मकसद यह है कि फैसले केवल दिमाग से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और दया भाव से लेने चाहिए. इसका लक्ष्य विकास और लीडरशिप में इंसानियत को सबसे ऊपर रखना है.
16th World Confluence.
कार्यक्रम में जुटेंगे दुनिया भर के दिग्गजइस साल इस कार्यक्रम में दुनिया भर के आध्यात्मिक गुरु, वैज्ञानिक, बड़े बिजनेसमैन और नेता एक साथ जुटेंगे. ये लोग अलग-अलग क्षेत्रों और धर्मों से होने के बावजूद इंसानियत और भाईचारे पर अपनी राय साझा करेंगे. इसका मुख्य उद्देश्य विविधता में एकता को बढ़ावा देना और ऐसे विचारों को सामने लाना है जो पूरी दुनिया की भलाई के लिए हों.
पिछले एडिशन में इस कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति, गवर्नर, इंटरनेशनल डिप्लोमेट्स, ग्लोबल स्पिरिचुअल लीडर्स, नोबेल विजेता और बड़े वैज्ञानिक शामिल हुए थे, जहां शांति, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. कोरोना महामारी के दौरान भी यह कार्यक्रम डिजिटल माध्यम से जारी रहा ताकि मानवता की भलाई के लिए बातचीत न रुके.
कनोरिया फाउंडेशन की पहल पर कार्यक्रमकनोरिया फाउंडेशन 200 से अधिक वर्षों के अपने व्यावसायिक इतिहास और ‘सेवा भाव’ के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में काम कर रहा है. कनोरिया फाउंडेशन का हेडक्वार्टर कोलकाता में है. वर्ल्ड कॉन्फ्लुएंस के जरिए इस फाउंडेशन ने दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. इसका एकमात्र मकसद यही है कि कैसे आध्यात्मिकता और अच्छे संस्कार, देश को आगे बढ़ाने और नेतृत्व करने में सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं.
आज की आपसी खींचतान वाली दुनिया में यह सम्मेलन बहुत जरूरी है. इसकी प्रासंगिकता पहले से कहीं ज्यादा साफ हो गई है. यह दुनिया के बड़े लीडर्स को याद दिलाता है कि इंसानियत के बिना ताकत और आध्यात्मिकता के बिना तरक्की अधूरी है. यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि 21वीं सदी के लिए एक नई सोच है, जहां व्यापार, लोग और पर्यावरण, तीनों एक साथ मिलकर शांति से फल-फूल सकें.