रात 11:30 सोना, 6 बजे उठना…स्कूली बच्चे का ये रूटीन कितना खतरनाक? एक्सपर्ट ने बताया सच
TV9 Bharatvarsh January 03, 2026 03:42 AM

अधूरी नींद, चिड़चिड़ापन…स्कूल के लिए उठे हुए अमूमन हर बच्चे को कहीं न कहीं ये चीज फेस करनी पड़ती है. इसका कारण है रात को देर में सोना. आज कल बच्चे मोबाइल और टीवी देखने के चक्कर में जल्दी सोते नहीं है. वहीं, कुछ बच्चे खेलने-कूदने में अपना समय बिता देते हैं और रात को बैठकर फिर पेरेंट्स उनका होमवर्क पूरा करवा रहे होते हैं. ऐसे में अब ज्यादातर घरों में देर रात में सोने का रुटीन सा बन गया है.

जब बच्चे रात को 11-12 बजे सोते हैं और सुबह स्कूल के लिए उन्हें 6 बजे उठाया जाता है तो बच्चा बहुत चिड़चिड़ा हो जाता है. नींद न पूरे होने की वजह से चिड़चिड़ापन होना आम बात है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ चिड़चिड़ापन ही नहीं बल्कि कम नींद बच्चे की मेंटल हेल्थ को भी प्रभावित कर सकती है. चलिए इस आर्टिकल में एक्सपर्ट से जानते हैं बच्चे का ऐसा रुटीन कितना खतरनाक है?

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क्या कहती हैं एक्सपर्ट?

टीवी9 भारतवर्ष ने जयपुर की मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सक डॉ. अनामिका पापड़ीवाल कहती से बात की. उन्होंने बताया कि, अगर बच्चा रात को 11: 30 बजे सोता है और सुबह स्कूल जाने के लिए उसे 6 बजे उठा दिया जाता है तो बच्चे की 7 घंटे की नींद लगभग पूरी हो जाती है. ऐसे में ये रूटीन उनके लिए इतना खतरनाक नहीं होता है.

दोपहर में सोना है जरूरी

एक्सपर्ट बताती हैं कि, अगर बच्चा रात को 11: 30 या 12 बजे सो रहा है और सुबह 6 बजे उठ जाता है. तो 6-7 घंटे की ही नींद ले पाता है. वहीं, स्कूल से आने के बाद अगर बच्चे के 1-2 घंटा फिर से सुला दिया जाए तो ये हेल्थ के लिए अच्छा रहता है. इससे बच्चा फ्रेश फील करता है और बची हुई नींद भी पूरी हो जाती है. ऐसे में दोपहर में बच्चे को सुलाना बहुत जरूरी है.

कम नींद हो सकती है खतरनाक

एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि, हर किसी को 8 घंटे की नींद लेना जरूरी होता है. इसमें बच्चे भी शामिल है. ऐसे में बच्चा अगर रात को देर में सोता है और सुबह 6 बजे स्कूल के लिए उठ जाता है. लेकिन फिर वो दोहपर में सोता भी नहीं है तो ये सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है. उनके मुताबिक, अगर बच्चे की नींद 8 घंटे की पूरी नहीं हो रही है तो इसका सीधा असर मेंटल हेल्थ पर पड़ता है. इससे बच्चे का फोकस कम हो सकता है. चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है. बच्चा जिद्दी हो जाता है और गुस्सा भी बढ़ सकता है.

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