Copper Rate Today: चीन-ताइवान तनाव दे रहा कॉपर को मजबूती? कीमतों में तेजी जारी, चेक करें लेटेस्ट रेट
et January 03, 2026 12:42 PM
आज यानि 03 जनवरी 2026 को सोना चांदी के जैसे ही में भी तेजी दिखाई दे रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया ( MCX ) पर कॉपर रेट 1288.5 रुपये प्रति किलो था। इसके अलावा आज COMEX पर तांबे की कीमत 72.265 डॉलर प्रति पाउंड हो गई। ताम्बे की बढ़ती कीमतें निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दे रही हैं। वैश्विक स्तर पर चीन ताइवान के बीच में टेंशन बढ़ रही है और अमेरिका ताइवान को सपोर्ट कर रहा है। ऐसी परिस्थितियों में निवेशकों के द्वारा असेट्स का चुनाव किया जाता है।

मेटल किंग चीन का प्लान चीन सोना चांदी तांबा जैसी मेटल्स के उत्पादन का किंग है। 1 जनवरी 2026 से चीन ने चांदी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। चीन अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने के लिए मेटल्स की कीमत बढ़ाने पर जोर दे रहा है। और यह देखा भी जा रहा है। चीन से जिन कंपनियों को चांदी के निर्यात करने की परमिशन मिली है वे अब नई कीमतों पर चांदी निर्यात कर रही हैं। चांदी की कमी के कारण दूसरे देशों के द्वारा अधिक कीमतें देकर चांदी खरीदी भी जा रही है। सोना चांदी में आई तेजी के साथ ही तांबे की कीमतें भी बढ़ रही है।

तांबे की कीमतें बढ़ने का कारण तांबे की कीमतें केवल चीन ताइवान के बढ़ते टेंशन के कारण ही नहीं बढ़ रही है बल्कि तांबे का इस्तेमाल भी तेज हो गया है। पहले यह केवल इंडस्ट्रियल मेटल तक ही सीमित था, लेकिन इसका इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डाटा सेंटर्स में भी बड़े तौर पर हो रहा है। पिछले साल तांबे की कीमतों ने नए रिकॉर्ड बनाएं जिसे देखते हुए निवेशक अपने पोर्टफोलियो में ज्यादा से ज्यादा तांबा शामिल कर रहे हैं। ज्ञानी एक तो तांबे के डिमांड डाटा सेंटर्स और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल में बढ़ रही है और दूसरा इसमें निवेश भी बढ़ रहा है। इसके कारण कीमतों को मजबूती मिल रही है।

चांदी के जैसे ही तांबे की भी सप्लाई कमतांबे की कीमतें कम होने के पीछे का कारण यह भी है कि इंडोनेशिया अफ्रीका और चिली में उत्पादन में कमी आई है। पिछले साल तांबे ने निवेशकों को 40 प्रतिशत का रिटर्न दिया था और निवेशक इस साल भी यही उम्मीद कर रहे हैं कि तांबा अच्छा रिटर्न दे सकता है। हालांकि मार्केट के कुछ जानकारी का यह भी कहना है कि तांबे की है तेजी लंबे समय तक देखी जा सकती है। इसके पीछे का कारण है तांबे का बढ़ता इस्तेमाल। यानी यदि तांबे की कीमतें नीचे आती है तो निवेशकों के लिए निवेश करने का बेहतर मौका हो सकता है और जब तांबे की कीमतें नए रिकॉर्ड बनती है तब मुनाफा वसूली की जा सकती है।

( डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है इसे निवेश की सलाह नहीं समझे। कहीं भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)
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