दिल्ली में मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाओ अभियान, ओवैसी बोले- ये सरासर गलत हुआ!
UPUKLive Hindi January 08, 2026 04:42 AM

दिल्ली के तुर्कमान गेट और फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास हाल ही में हुई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई ने अब तूल पकड़ लिया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इस पूरे अभियान की कड़े शब्दों में निंदा की है। ओवैसी का आरोप है कि इस कार्रवाई के जरिए वक्फ संपत्तियों को निशाना बनाया गया है और उन्हें भारी नुकसान पहुँचाया गया है।

1970 के गजट का दिया हवाला

ANI से बातचीत के दौरान ओवैसी ने दावा किया कि जिस जमीन पर कार्रवाई हुई है, वह पूरी की पूरी वक्फ की संपत्ति है। उन्होंने सबूत के तौर पर 1970 के वक्फ गजट का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी एंट्री नंबर 40 में इस जगह का स्पष्ट उल्लेख है। ओवैसी के मुताबिक, सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होने के बावजूद इस तरह की कार्रवाई कानूनी और नैतिक रूप से गलत है।

वक्फ बोर्ड को क्यों नहीं बनाया गया पक्ष

ओवैसी ने दिल्ली हाई कोर्ट के 12 नवंबर के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने हैरानी जताई कि इस मामले में ‘सेव इंडिया फाउंडेशन’ नाम के संगठन ने याचिका दायर की थी, जिसका संबंध RSS से है। कोर्ट ने सर्वे के आदेश दिए जिसमें MCD, DDA और पुलिस तो शामिल थे, लेकिन दिल्ली वक्फ बोर्ड को इसमें पार्टी (पक्ष) ही नहीं बनाया गया। ओवैसी का कहना है कि इस मामले का निपटारा वक्फ ट्रिब्यूनल में होना चाहिए था, न कि सीधे कोर्ट में।

दिल्ली वक्फ बोर्ड की सुस्ती पर उठाए सवाल

सांसद ओवैसी ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की भूमिका पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बोर्ड को शुरू में ही इस मामले में दखल देना चाहिए था और 1970 के गजट का सबूत पेश करना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि जब हाई कोर्ट का फैसला आया, तब भी वक्फ बोर्ड ने कोई रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दाखिल नहीं की, जिसकी वजह से आज यह स्थिति पैदा हुई है।

कानून के उल्लंघन का लगाया आरोप

ओवैसी ने 1991 के ‘प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट’ (पूजा स्थल कानून) का जिक्र करते हुए कहा कि 15 अगस्त 1947 के समय यह एक मस्जिद थी, इसलिए संसद द्वारा पारित कानून का सम्मान किया जाना चाहिए था। उन्होंने मांग की है कि अब दिल्ली वक्फ बोर्ड और मस्जिद की मैनेजिंग कमेटी को तुरंत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए ताकि वहां यथास्थिति (Status Quo) बरकरार रह सके।

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