Masik Janmashtami 2026: सनातन धर्म में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि बहुत विशेष मानी जाती है, क्योंकि इस तिथि पर मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित व्रत किया जाता है. भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-उपासना की जाती है. मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकष्ण की पूजा और व्रत करने से मूरलीधर की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा और व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. मृत्यु के बाद मोक्ष प्राप्त होता है. आज साल की पहली मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है. ऐसे में आइए इसका शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र जानते हैं.
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पूजा मुहूर्त (Masik Janmashtami 2026 Puja Subh Muhurat)माघ माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आज 08 बजकर 23 मिनट पर शुरू हो चुकी है. ये तिथि कल सुबह 10 बजकर 20 मिनट तक रहेगी. मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर निशा काल में कृष्ण भगवान की पूजा की जाएगी. ऐसे में आज निशिता काल में पूजा का समय 10 और 11 जनवरी की रात 12 बजकर 02 मिनट से लेकर 12 बजकर 56 मिनट तक रहने वाला है.
आज के शुभ मुहूर्तआज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:27 बजे से लेकर सुबह 06:21 बजे तक था. अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:08 से लेकर दोपहर 12:50 बजे तक रहेगा. अमृत काल सुबह 09:09 से शुरु हो चुका है. ये सुबह 10:53 बजे तक रहेगा.
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि (Masik Janmashtami Puja Vidhi)मासिक जन्माष्टमी के दिन स्नान के बाद पूजा घर को साफ करें और गंगाजल छिड़कें. बाल गोपाल को स्नान आदि कराएं और पंचामृत से स्नान कराकर सुंदर शृंगार करें. वस्त्र, मुकुट, मोर पंख, बांसुरी भी कान्हां जी को धारण करवाएं. लड्डू गोपाल की पूजा करें और मंत्र का जाप करें. मंत्र है- ऊं नमो भगवते वासुदेवाय. माखन और मिश्री का भोग कान्हा जी को अर्पित करें.
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के मंत्र (Masik Janmashtami Ke Mantra)ये भी पढ़ें: Garuda Purana: जीवन में न करें ये बुरे कर्म, वरना अगले जन्म में बनना होगा गिद्ध!
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.