तमिलनाडु : 15 फरवरी को फार्मेसियां बंद, ड्रग ट्रैफिकिंग पर पुलिस की नाकामी के खिलाफ केमिस्ट्स की हड़ताल
Indias News Hindi January 11, 2026 11:42 PM

चेन्नई, 11 जनवरी . तमिलनाडु के फार्मासिस्ट और ड्रगिस्टों ने राज्य Government और Police प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए 15 फरवरी को पूरे राज्य में एक दिन की हड़ताल की घोषणा की है.

इस दौरान सभी फार्मेसियां बंद रहेंगी, जिससे मरीजों के लिए दवाइयों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है. यह फैसला नमक्कल में तमिलनाडु केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (टीएनसीडीए) की राज्य स्तरीय सलाहकार बैठक के बाद लिया गया.

एसोसिएशन के राज्य जनरल सेक्रेटरी के.के. सेल्वम ने बैठक के बाद मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, “हम तमिलनाडु Government को सभी प्रकार के टैक्स चुकाते हैं, जिसमें ड्रग लाइसेंस, प्रॉपर्टी टैक्स और कचरा टैक्स शामिल हैं. इसलिए हमें लोकल बॉडीज द्वारा लगाए जाने वाले प्रोफेशनल टैक्स और ट्रेड लाइसेंस से छूट मिलनी चाहिए.” उन्होंने आगे मांग की कि ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट के डायरेक्टर के पद पर केवल फार्मेसी डिग्री धारकों को ही नियुक्त किया जाए.

सेल्वम ने केंद्र और राज्य Governmentों से दर्द निवारक, साइकोट्रॉपिक दवाओं और गर्भ निरोधकों की ऑनलाइन बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. उन्होंने कहा, “ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से इन दवाओं की आसान उपलब्धता युवाओं में नशे की लत को बढ़ावा दे रही है.”

सबसे गंभीर आरोप Police पर लगाया गया. सेल्वम ने कहा, “तमिलनाडु में ड्रग ट्रैफिकिंग तेजी से बढ़ रही है. Police इसे कंट्रोल करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है, जिसके कारण युवा लड़के-लड़कियां नशे की भेंट चढ़ रहे हैं. हम ड्रग कंट्रोल एक्ट का उल्लंघन करते हुए फार्मेसियों में Police द्वारा इंस्पेक्शन की निंदा करते हैं, जबकि ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ठीक से काम नहीं कर रहा.”

उन्होंने तमिलनाडु मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन में दवाओं की खरीद में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया. सेल्वम का दावा है कि Chief Minister के परिवार के नाम का गलत इस्तेमाल कर कम कीमत वाली दवाओं को ज्यादा कीमत पर खरीदा जा रहा है.

तमिलनाडु में हाल के वर्षों में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के कई बड़े मामले सामने आए हैं. Police ने कई अंतरराष्ट्रीय गिरोहों को पकड़ा है, लेकिन एसोसिएशन का कहना है कि स्थिति अभी भी गंभीर है. ये मांगें वर्षों से चली आ रही हैं, लेकिन अब हड़ताल के जरिए दबाव बनाने का फैसला लिया गया है.

एससीएच

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