ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन ने सिडनी (SCG) जैसे पारंपरिक स्पिन-फ्रेंडली मैदान पर भी किसी विशेषज्ञ स्पिनर को टीम में शामिल नहीं किया है:
• चयन का कारण: सहायक कोच डेनियल विटोरी ने स्पष्ट किया कि हाल के वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई पिचें तेज़ गेंदबाजों के लिए बहुत अधिक मददगार रही हैं। पिछले कुछ मैचों में स्पिनरों की भूमिका कम हुई है, जिसके कारण टॉड मर्फी जैसे प्रतिभाशाली स्पिनर को बाहर बैठना पड़ा है।
• पिच का व्यवहार: विटोरी के अनुसार, पिछले साल सिडनी में गिरे 34 विकेटों में से केवल 1 विकेट स्पिनर को मिला था। यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया ने एशेज के अंतिम टेस्ट में अपने सफल तेज़ गेंदबाजी आक्रमण पर ही भरोसा जताया है।
• भविष्य की उम्मीद (द कैरेट): विटोरी ने युवा स्पिनरों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि 2027 में होने वाला भारत का दौरा और आगामी श्रीलंका दौरा उनके लिए 'बड़ी गाजर' (बड़ा अवसर) है। उन परिस्थितियों में 2-3 स्पिनरों की आवश्यकता होगी।
• विशेषज्ञों की राय: पूर्व स्पिनर कैरी ओ'कीफ ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि यह युवा स्पिनरों को गलत संदेश भेजता है और उनके मनोबल को तोड़ सकता है।