पयागपुर इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक मां ने बेटे न होने के तानों से परेशान होकर अपनी दो बेटियों के साथ तालाब में छलांग लगा दी। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक महिला के पिता की तहरीर पर महिला के पति, सास और ससुर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
मायके वालों ने आरोप लगाया है कि महिला की हत्या कर शव तालाब में फेंका गया हो सकता है। पुलिस ने पति और ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
परिवार और हालात
पयागपुर के कोट बाजार निवासी विष्णु गुप्त अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ पयागपुर बस अड्डे के पास किराए के मकान में रह रहे थे। विष्णु इलेक्ट्रॉनिक की दुकान चलाते हैं। मृतक महिला आशा गुप्ता उर्फ मीनू की उम्र 35 साल थी और उनकी तीन बेटियां थीं।
ससुराल के लोग बेटे न होने पर महिला और बेटियों को ताने देते थे, जिससे घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे। शनिवार शाम को भी इसी वजह से विवाद हुआ। बताया जाता है कि मानसिक रूप से परेशान महिला ने अपनी सात वर्षीय बेटी मिस्टी और पांच वर्षीय बेटी नंदिनी उर्फ प्राची के साथ गांव में स्थित तालाब में छलांग लगा दी।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से रविवार सुबह तीनों शव बरामद कर लिए। पयागपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि मृतक महिला के पिता की तहरीर पर पति विष्णु गुप्त, सास पिंकी और ससुर बजरंगी के खिलाफ दहेज हत्या, प्रताड़ना समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मायके वालों का आरोप
महिला के मायके वालों ने पुलिस को तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि महिला की हत्या पीट-पीटकर की गई और बाद में शव तालाब में फेंका गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर हर बिंदु पर जांच शुरू कर दी है।
बड़ी बेटी का हाल
किराए के मकान में महिला अपने पति और दो बेटियों के साथ रहती थी, जबकि बड़ी बेटी लाडो (10 साल) अपने दादा-दादी के पास कोट बाजार में रहती थी। बड़ी बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है।