Jana Nayagan Controversy: 'जन नेता' की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट पहुंची, अदालत से CBFC ने कहा- फैसला देने से पहले हमें सुना जाए
TV9 Bharatvarsh January 13, 2026 01:42 AM

थलपति विजय की फिल्म ‘जन नेता’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने मेकर्स की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीएफसी को तुरंत सर्टिफिकेट देने का फैसला सुनाया था, पर उसी दिन डिविजिनल बेंच ने सिंगल बेंच के ऑर्डर पर रोक लगा दी थी और अगली सुनवाई 20 जनवरी के लिए तय की थी. अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. ‘जन नेता’ के मेकर्स की याचिका के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख कर लिया है. सेंसर बोर्ड ने कैविएट दाखिल कर मांग की है कि कोई भी फैसला सुनाने से पहले हमें सुना जाए.

सोमवार को केवीएन प्रोडक्शन ने हाई कोर्ट के शुक्रवार के स्टे ऑर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. गौरतलब है कि आज ही विजय करूर भगदड़ मामले में पूछताछ के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. सीबीआई ने उन्हें समन देकर बुलाया था. 27 सितंबर 2025 को टीवीके रैली के दौरान करूर भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी.

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9 जनवरी को रिलीज़ होनी थी ‘जन नेता’

थलपति विजय की इस फिल्म को पहले 9 जनवरी को प्रभास की ‘द राजा साब’ के साथ सिनेमाघरों में रिलीज़ होना था. हालांकि मेकर्स सीबीएफसी से फिल्म के लिए सर्टिफिकेट का इंतज़ार ही करते रहे. अंत में मेकर्स ने मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सिंगल बेंच ने सुनवाई करते हुए सीबीएफसी को सर्टिफिकेट देने का आदेश सुनाया. हालांकि उसी दिन कुछ देर बाद सीबीएफसी ने सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगाने की मांग के साथ अपील कर दी.

उसी दिन चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की डिविजनल बेंच ने मामले पर सुनवाई की और सिंगल बेंच के सर्टिफिकेट जारी करने के आदेश पर रोक लगा दी थी.

रिवाइजिंग कमेटी को भेजी गई थी फिल्म

सीबीएफसी ने 6 जनवरी को ‘जन नेता’ के प्रोड्यूसर्स को एक लेटर लिखा था और जानकारी दी थी कि मामले को रिवाइजिंग कमेटी (संशोधन समिति) को भेजा गया है. इसी के बाद मेकर्स ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की और सिंगल बेंच ने मेकर्स के पक्ष में फैसला सुना दिया था. कोर्ट की रोक के बाद मेकर्स ने एक बयान जारी कर कहा था कि मामला अदालत में है और वो फिलहाल कोई बयान नहीं दे सकते हैं.

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