वडोदराः रविवार को वडोदरा में भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले वनडे मैच के दौरान एक दिलचस्प भाषा संबंधी घटना सामने आई। जब न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स क्रीज पर थे, तब भारतीय विकेटकीपर केएल राहुल की आवाज स्टंप माइक में सुनाई दी। राहुल ने स्पिनर वाशिंगटन सुंदर को उनकी मातृभाषा तमिल में गेंदबाजी के निर्देश दिए।
स्टंप माइक से यह स्पष्ट हुआ कि केएल राहुल वाशिंगटन सुंदर से गेंदों की गति कम रखने के लिए कह रहे थे। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वरुण आरोन ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल ने जानबूझकर तमिल का उपयोग किया ताकि वाशिंगटन अपनी भूमिका को बेहतर तरीके से समझ सके। उनके अनुसार, खिलाड़ियों के बीच संवाद जितना सहज होगा, मैदान पर तालमेल उतना ही बेहतर होगा।
इस बातचीत में मजेदार मोड़ तब आया जब पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगर ने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रीय भाषा में बातचीत करना पसंद है। वरुण आरोन ने तुरंत जवाब दिया कि वह केवल क्षेत्रीय भाषाओं के पक्ष में नहीं हैं। बांगर ने फिर कहा कि वाशिंगटन ने पिछली गेंद 92 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से फेंकी थी, इसलिए भाषा से ज्यादा महत्वपूर्ण गेंदबाजी की समझ है।
यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई, क्योंकि भारत में कोई एक राष्ट्रीय भाषा नहीं है। हालांकि हिंदी और अंग्रेजी को आधिकारिक भाषाओं का दर्जा प्राप्त है, लेकिन खिलाड़ी अक्सर अपनी मातृभाषा का उपयोग करते हैं। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट केवल खेल नहीं है, बल्कि यह विविधता से भरे देश की पहचान भी है।
अगर मैच की बात करें तो भारत ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 301 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली ने 91 गेंदों में 93 रन बनाए। कप्तान शुभमन गिल ने 56 रनों का योगदान दिया, जबकि श्रेयस अय्यर 49 रन बनाकर नाबाद लौटे। भारत ने 49 ओवर में छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
न्यूजीलैंड की ओर से काइल जैमीसन ने 10 ओवर में 41 रन देकर चार विकेट लिए। भारतीय गेंदबाजों ने भी अच्छी शुरुआत की। मोहम्मद सिराज और हर्षित राणा ने दो-दो विकेट लिए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। डैरिल मिचेल के अर्धशतक के बावजूद न्यूजीलैंड की टीम 300 रन से आगे नहीं बढ़ सकी।