जब लोग बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं या संक्रमण का सामना करते हैं, तो वे अक्सर काढ़ा पीते हैं। यह न केवल शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करता है, बल्कि शरीर को गर्म रखने और संक्रमण से बचाने में भी मदद करता है। डिटॉक्स के कई स्वास्थ्य लाभों के लिए विभिन्न प्रकार के काढ़ों का सेवन किया जाता है। आयुर्वेद में काढ़ों को विशेष महत्व दिया गया है, और हल्दी तथा मोरिंगा से बना काढ़ा स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। ये दोनों जड़ी-बूटियाँ औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। नियमित रूप से इनसे बने काढ़े का सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है। आइए जानते हैं हल्दी और मोरिंगा के काढ़े के फायदों के बारे में।
इम्यूनिटी को बढ़ावा
हल्दी और मोरिंगा के काढ़े में विटामिन-ए और सी जैसे पोषक तत्वों के साथ-साथ एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं। इसके सेवन से शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने, संक्रमण से बचने और बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है।
पाचन में सुधार
इस काढ़े में फाइबर और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जो सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। नियमित सेवन से पाचन तंत्र को दुरुस्त करने में मदद मिलती है और यह कब्ज, पेट फूलने और गैस जैसी समस्याओं से राहत दिला सकता है।
दिल के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
हल्दी और मोरिंगा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो दिल के कार्यों को बेहतर बनाने और दिल के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करते हैं।
शरीर को डिटॉक्सिफाई करें
इस काढ़े में एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करने में मदद करती है। यह रक्त की शुद्धता बनाए रखने, ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने और त्वचा को स्वस्थ रखने में सहायक है।
त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद
इस काढ़े में विटामिन-ए, सी और ई जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो त्वचा और बालों के लिए लाभकारी हैं। यह झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करने, संक्रमण से बचाने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करता है।
सूजन को कम करता है
हल्दी और मोरिंगा का काढ़ा पीने से शरीर की सूजन कम होती है, मांसपेशियों को आराम मिलता है और दर्द तथा ऐंठन को कम करने में मदद मिलती है।
हल्दी-मोरिंगा का सूप कैसे बनाएं
- सबसे पहले एक पैन में घी या ऑलिव ऑयल डालकर प्याज, लहसुन और गाजर को अच्छे से भूनें। फिर इसमें हल्दी और काली मिर्च का पाउडर डालें।
- अब इसमें मोरिंगा के पत्ते और वेजिटेबल स्टॉक डालें। इसे 10-12 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं।
- फिर इसे हल्का ब्लैंड करें और धनिया के पत्ते डालकर सेवन करें।