बहनों को अभी करना होगा और इंतज़ार? लाडकी बहिन योजना पर चुनाव आयोग की सख्ती, जानें क्या रुक जाएंगे 1500 रुपये?
Newsindialive Hindi January 14, 2026 12:42 AM

News India Live, Digital Desk : हम सब जानते हैं कि महाराष्ट्र सरकार की 'माझी लाडकी बहिन योजना' महिलाओं के बीच कितनी लोकप्रिय हुई है। हर महीने खाते में आने वाले 1500 रुपये ने कई परिवारों के छोटे-मोटे खर्चों को सहारा दिया है। लेकिन, अब इस योजना को लेकर एक ऐसी अपडेट आई है जिसने त्योहारों के सीज़न में थोड़ी मायूसी और बहुत सारे सवाल पैदा कर दिए हैं।दरअसल, चुनाव आयोग (ECI) ने इस योजना के तहत दिए जा रहे 'एडवांस पेमेंट' पर कड़ी आपत्ति जताई है और इस पर रोक लगा दी है। अब मन में सवाल आता है कि आखिर आयोग को इसमें क्या बुरा लगा? बात सीधी सी है आचार संहिता (Model Code of Conduct)। चुनाव आयोग का मानना है कि वोटिंग से ठीक पहले योजना की किश्तें एडवांस में देना मतदाताओं को लुभाने जैसा हो सकता है, जो निष्पक्ष चुनाव के नियमों के खिलाफ है।सरकार की कोशिश थी कि दीवाली के मौके पर बहनों के खातों में पैसे समय से पहले पहुँचा दिए जाएँ ताकि उनका त्योहार अच्छा रहे। लेकिन नियम अपनी जगह हैं। आयोग की इस सख्ती का मतलब यह नहीं है कि योजना बंद हो गई है, बल्कि मतलब यह है कि 'चुनाव प्रक्रिया' के दौरान सरकार ऐसे किसी भी वितरण को प्रोमोट नहीं कर सकती जिससे चुनाव की सुचिता पर असर पड़े।इस फैसले के बाद महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में बहस तेज़ हो गई है। जहाँ एक तरफ सरकार इसे त्यौहार का उपहार बता रही थी, वहीं विपक्ष इसे चुनावी स्टंट कह रहा था। लेकिन इन सब बातों के बीच असली असर उन आम महिलाओं पर पड़ता है जिन्हें इन पैसों की वाकई ज़रूरत होती है।अब कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या अब पैसे कभी नहीं मिलेंगे? तो घबराने की बात नहीं है। यह रोक सिर्फ 'एडवांस' और 'चुनावी प्रभाव' को रोकने के लिए है। चुनावी प्रक्रिया खत्म होने के बाद नियम के अनुसार प्रक्रिया फिर से सामान्य हो जाएगी। बस फिलहाल के लिए, प्रशासन को आयोग के निर्देशों का पालन करना होगा और नई घोषणाओं या किश्तों को जारी करने से बचना होगा।खैर, चुनावी मौसम में इस तरह की खींचतान आम बात है, लेकिन लाडकी बहिन योजना के लाभार्थियों को फिलहाल सब्र का दामन थामना होगा। उम्मीद यही है कि बहुत जल्द ये सारी कानूनी अड़चनें दूर होंगी और बहनों के चेहरे पर फिर से वही मुस्कान वापस आएगी।

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