आजकल अधिकतर घरों में आरओ (RO) वाटर प्यूरीफायर का इस्तेमाल आम हो गया है। कई लोग सोचते हैं कि आरओ का पानी पीना स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और शुद्ध पानी का संकेत है। लेकिन हाल ही में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के शोध में यह खुलासा हुआ है कि लगातार और बिना सावधानी के RO का पानी पीना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
AMU शोध में क्या सामने आया?
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने विभिन्न घरों में इस्तेमाल हो रहे RO वाटर की जांच की। परिणाम में पाया गया कि RO पानी पूरी तरह से मिनरल्स से रहित हो जाता है। यह पानी तो हानिकारक बैक्टीरिया से मुक्त होता है, लेकिन कैल्शियम, मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स इसमें नहीं रहते।
फैक्स:
लंबे समय तक RO का पानी पीने से शरीर में मिनरल की कमी हो सकती है।
हड्डियों और दांतों की मजबूती कमजोर पड़ सकती है।
हृदय और मेटाबॉलिक फंक्शन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
RO पानी के नुकसान
मिनरल की कमी – RO प्रक्रिया में पानी से लगभग सभी मिनरल्स हट जाते हैं।
पानी का एसिडिक होना – कुछ RO यूनिट्स के कारण पानी का पीएच संतुलन बदल सकता है, जिससे पेट और पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है।
हार्ट और हड्डियों के लिए खतरा – लगातार मिनरल रहित पानी पीने से हृदय रोग और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है।
इम्यूनिटी प्रभावित – शरीर में आवश्यक मिनरल्स की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है।
विशेषज्ञ की सलाह
डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट कहते हैं कि RO का पानी कम समय के लिए या विशेष परिस्थितियों में पीना ठीक है, लेकिन इसे सिर्फ पीने योग्य बनाने वाले विकल्प के तौर पर अपनाया जाना चाहिए।
स्वस्थ विकल्प:
RO पानी पीते समय छोटे ग्लास में मिनरल सप्लीमेंट या सेंचुरी वाटर मिलाएं।
RO के पानी का सेवन सिर्फ दूषित या भारी धातु वाले पानी के लिए करें।
नियमित रूप से करेले, दूध, अंकुरित दालें और हरी सब्जियां खाएं, ताकि मिनरल की कमी न हो।
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