चिकन प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है और हेल्थ-कॉन्सियस लोगों की डाइट में अहम जगह रखता है। लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि स्किन वाला चिकन खाएं या बिना स्किन वाला। विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों का सेवन स्वास्थ्य पर अलग-अलग प्रभाव डालता है।
बिना स्किन वाला चिकन
बिना स्किन वाले चिकन में वसा (फैट) की मात्रा कम होती है और प्रोटीन की मात्रा उच्च होती है। इसका मतलब है कि यह वजन घटाने और मसल्स बनाने के लिए बेहतर विकल्प है।
फायदे:
कम कैलोरी – बिना स्किन वाला चिकन खाने से कैलोरी का सेवन कम होता है।
हृदय के लिए फायदेमंद – इसमें संतृप्त वसा कम होने के कारण हृदय रोग का जोखिम घटता है।
प्रोटीन पावर – मांसपेशियों के निर्माण और रिकवरी के लिए उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन प्रदान करता है।
वजन नियंत्रित करने में मददगार – फैट कम होने की वजह से वजन घटाने वाले डाइट में इसे प्राथमिकता दी जाती है।
स्किन वाला चिकन
स्किन वाले चिकन में फैट की मात्रा अधिक होती है। यह स्वाद और जूस बनाए रखने में मदद करता है, लेकिन कैलोरी भी ज्यादा होती है।
फायदे और सावधानियां:
ऊर्जा का स्रोत – अधिक फैट की वजह से शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है।
स्वाद बढ़ाता है – स्किन के कारण चिकन खाने में अधिक स्वादिष्ट और जूसदार लगता है।
सावधानी – यदि आप वजन कम करना चाहते हैं या हृदय रोग से पीड़ित हैं, तो स्किन को हटाना बेहतर रहता है।
विशेषज्ञ की सलाह
वजन घटाने वाले और फिटनेस फ्रेंडली डाइट: बिना स्किन वाला चिकन।
ऊर्जा बढ़ाने और स्वाद के लिए: स्किन वाला चिकन, लेकिन मात्रा सीमित रखें।
खाना पकाने का तरीका भी मायने रखता है: तली हुई स्किन वाला चिकन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। ग्रिल, बेक या स्टीम करना बेहतर विकल्प है।
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