सर्दियों का मौसम स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। इस दौरान शरीर में सर्दी-जुकाम, कमजोरी और इम्यूनिटी की कमी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में गाजर का सेवन सेहत के लिए वरदान साबित हो सकता है। आयुर्वेद में गाजर को स्वास्थ्यवर्धक और रोग प्रतिरोधक गुणों से भरपूर माना गया है।
गाजर के आयुर्वेदिक फायदे
इम्यूनिटी बढ़ाए – गाजर में विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर को बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मदद करती है।
दृष्टि सुधारें – विटामिन A की वजह से गाजर आंखों की रोशनी के लिए बेहद फायदेमंद है, खासकर सर्दियों में जब धूप कम होती है।
पाचन शक्ति मजबूत करे – गाजर में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत देता है।
त्वचा और बालों के लिए लाभकारी – इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को चमकदार और बालों को मजबूत बनाते हैं।
हृदय स्वास्थ्य सुधारें – गाजर में पोटैशियम और फाइबर की मौजूदगी रक्तचाप नियंत्रित रखने और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करती है।
शरीर को डिटॉक्स करे – गाजर प्राकृतिक रूप से शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में सहायक है।
ऊर्जा और शक्ति बढ़ाए – गाजर का सेवन शरीर को आवश्यक पोषक तत्व और ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे सर्दियों में कमजोरी कम होती है।
सही तरीका और मात्रा
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में रोजाना 100-150 ग्राम गाजर का सेवन पर्याप्त है। इसे कच्चा, हल्का उबला या भुना हुआ खा सकते हैं। गाजर का जूस या सलाद में मिलाकर सेवन भी फायदेमंद रहता है।
आयुर्वेदिक टिप्स
गाजर को हल्का उबाल कर या भाप में पकाकर खाने से पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है।
गाजर और थोड़ा सा मिश्री या गुड़ मिलाकर खाने से स्वाद के साथ इम्यूनिटी भी मजबूत होती है।
सर्दियों में दूध या हल्दी के साथ गाजर का सेवन स्वास्थ्य और हड्डियों के लिए लाभकारी होता है।
विशेषज्ञ की सलाह
आयुर्वेदिक डॉक्टरों का मानना है कि गाजर का नियमित सेवन सर्दियों में न केवल शरीर को गर्म रखता है, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर बीमारियों से बचाव करता है। यह प्राकृतिक सुपरफूड कम उम्र से लेकर बुजुर्ग तक सभी के लिए लाभकारी है।
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