सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP ने पिछले कई सालों में आम निवेशकों के बीच लोकप्रियता हासिल की थी। लेकिन हाल ही में ऐसा देखा जा रहा है कि लोगों का SIP के प्रति मोहभंग बढ़ता जा रहा है। कई निवेशक अब इस साधन में नियमित निवेश को कम कर रहे हैं और कुछ तो इसे पूरी तरह बंद भी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे कई गंभीर आर्थिक और मनोवैज्ञानिक कारण हैं।
1. बाजार में अस्थिरता
सबसे बड़ा कारण है शेयर बाजार और इक्विटी फंड की अस्थिरता। पिछले कुछ महीनों में कई बड़े फंड में रिटर्न उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। जब निवेशकों को लगातार फ्लैट या निगेटिव रिटर्न देखने को मिलता है, तो उनका विश्वास कम होना स्वाभाविक है।
2. आर्थिक दबाव और खर्च
महंगाई और घरेलू खर्च में वृद्धि के कारण लोगों के पास बचत के लिए कम पैसा बचता है। कई निवेशक अपनी SIP राशि को रोककर जरूरत के समय उपयोग कर रहे हैं।
3. अपेक्षित रिटर्न का न मिलना
कुछ निवेशकों ने SIP शुरू करते समय लंबी अवधि में उच्च रिटर्न की उम्मीद की थी। लेकिन रियल लाइफ रिटर्न अपेक्षा से कम होने पर लोगों का भरोसा डगमगाया।
4. जानकारी और समझ का अभाव
कई निवेशक SIP और म्यूचुअल फंड के कामकाज को पूरी तरह समझ नहीं पाते। फंड का प्रदर्शन, मार्केट रिस्क और टर्म्स की जानकारी न होने से निराशा बढ़ती है।
5. अन्य निवेश विकल्पों की ओर झुकाव
आज के डिजिटल युग में निवेशकों के पास कई विकल्प हैं जैसे क्रिप्टो, स्टॉक्स, गोल्ड या डिजिटल बॉन्ड्स। कई निवेशक सोचते हैं कि ये विकल्प SIP से ज्यादा आकर्षक और फ्लेक्सिबल हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि SIP में निरंतर निवेश लंबी अवधि में फायदे का साधन है, लेकिन निवेशकों को सही फंड चयन और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना होगा। विशेषज्ञों की राय में, बाजार की अस्थिरता के दौरान भी नियमित और अनुशासित निवेश लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न दे सकता है।
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