News India Live, Digital Desk : भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कभी कमी नहीं रही। लेकिन टैलेंट होना और उसे हर मैच में साबित करना इन दोनों में जमीन-आसमान का फर्क होता है। आज हम बात कर रहे हैं 'रॉकस्टार' रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) की। वही जड्डू, जिनकी फील्डिंग देख कर हमारी आंखें फटी रह जाती हैं और जिनकी तलवारबाजी (बल्लेबाजी का जश्न) देख कर सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।हाल ही में, जडेजा के साथ खेल चुके उनके पुराने साथियों ने उनके बारे में कुछ ऐसी बातें कही हैं, जो हम सभी के लिए, खासकर युवाओं के लिए एक बड़ी सीख है।'राजनीति' से कोसों दूर, सिर्फ़ क्रिकेट पर फोकसहम अक्सर सुनते हैं कि क्रिकेट में भी थोड़ी-बहुत 'पॉलिटिक्स' होती है, सेलेक्शन का ड्रामा होता है या पीआर (PR) का खेल चलता है। लेकिन जडेजा के पूर्व साथियों का कहना है कि यह खिलाड़ी इन सब चीजों से मिट्टी के कण बराबर भी वास्ता नहीं रखता।जडेजा का एटीट्यूड बिल्कुल साफ है"मेरा काम मैदान पर परफॉर्म करना है, बाकी दुनिया क्या सोचती है, भाड़ में जाए।" जब भी टीम में उनकी जगह पर सवाल उठे या जब चोट की वजह से वो बाहर हुए, उन्होंने कभी मीडिया में रोना नहीं रोया। वो बस NCA (नेशनल क्रिकेट एकेडमी) गए, वहां जी-तोड़ मेहनत की और एक 'बेहतर वर्जन' बनकर वापस लौटे।जूनून ऐसा कि पसीना भी हार मान जाएउनके साथियों ने बताया कि हमें टीवी पर सिर्फ छक्के और विकेट दिखते हैं, लेकिन उसके पीछे की मेहनत अकल्पनीय है। रवींद्र जडेजा नेट प्रैक्टिस में घंटों पसीना बहाते हैं। उनकी फिटनेस का स्तर ऐसा है कि आज भी टीम में आने वाले 20-22 साल के लड़के भी उन्हें दौड़ने में हरा नहीं पाते।यही वजह है कि उन्हें एक 'Relentless' (कभी न थकने वाला) खिलाड़ी कहा जाता है। चाहे टेस्ट मैच का 5वां दिन हो या टी20 का आखिरी ओवर, जडेजा की एनर्जी में एक परसेंट की भी गिरावट नहीं आती।"परफॉर्म करो, या घर जाओ"जडेजा की मानसिकता बहुत प्रैक्टिकल है। वो जानते हैं कि खेल में भावनाएं आपको कमजोर कर सकती हैं। इसलिए उनका फोकस हमेशा सिर्फ़ अपने खेल को सुधारने पर होता है। चाहे बल्ले से रन बनाने हों, विकेट निकालना हो या फिर बाउंड्री पर चीते की तरह डाइव लगाकर नामुमकिन कैच पकड़ना हो वो हर रोल में खुद को झोंक देते हैं।उनके पुराने साथी मानते हैं कि ड्रेसिंग रूम में भी वो बहुत ही सादा रहते हैं। कोई दिखावा नहीं, कोई बड़बोलापन नहीं। उनका सारा गुस्सा और सारा अग्रेशन सिर्फ और सिर्फ विपक्षी टीम के खिलाफ मैदान पर निकलता है।