सजा माफी के लिए स्कूल वार्डन ने लगाई अर्जी, कोर्ट ने 2 साल से बढ़ाकर कर दी 7 साल की कैद… क्या था कसूर?
TV9 Bharatvarsh January 16, 2026 07:42 PM

देहरादून कोर्ट में कुकर्म के दोषी स्कूल वार्डन को निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करना उल्टा पड़ गया. कोर्ट ने दोषी की सजा को 2 साल से बढ़ाकर 7 साल कर दिया. साथ ही जुर्माने की राशि को बढ़ाकर 15000 रुपए कर दिया. कोर्ट ने दोषी वार्डन को 29 जनवरी तक पेश होने का आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने दोषी की उस याचिका को भी खारिज कर दिया है, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए सजा माफ करने की मांग की थी.

कोर्ट ने यह फैसला बीते गुरुवार को दिया. पीड़ित पक्ष की अपील को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने माना कि शिक्षक-वार्डन के द्वारा नाबालिक छात्र के साथ ऐसा कृत्य करना एक गंभीर अपराध है. फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि घटना के समय पीड़िता छात्र की उम्र महज 13 वर्ष की थी.

दोषी हास्टल का वार्डन था और उसकी जिम्मेदारी बच्चों की सुरक्षा की थी. कोर्ट ने कहा कि वार्डन ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और छात्र को मानसिक व शारीरिक रूप से आघात पहुंचाया. जिससे लिए वार्डन को मांफ नहीं किया जा सकता है.

कब हुई थी घटना?

पीड़ित पक्ष के वकील अरविंद कपिल के अनुसार घटना नवंबर 2011 की है. उस समय पीड़ित छात्र देहरादून के खुड़बुड़ा स्थित एक स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता था. छात्र उस समय 7वीं कक्षा में था. हाॅस्टल का वार्डन शक्ति सिंह सरधना, मेरठ का मूल निवासी है. वार्डन छात्र के साथ गलत काम करता था.

वार्डन की हरकतों से डरा छात्र स्कूल से भागकर अपने पिता के एक परिचित के पास पहुंचा और सारी बात बताई, इसके बाद परिचनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़ित पक्ष ने कोर्ट के इस फैसले पर खुशी जताई है और कहा कि ऐसे दोषियों के खिलाफ ऐसा ही होना चाहिए.

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