इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल: दिल्ली में 28 अंतराष्ट्रीय पतंगबाज दिखाएंगे जौहर, शाह ने बताया देश का उत्सव
TV9 Bharatvarsh January 17, 2026 04:42 AM

दिल्ली में शुक्रवार को तीसरे इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 का आगाज हो गया है. DDA द्वारा सराय काले खान के पास यमुना के बाढ़ क्षेत्र में स्थित बांसेरा में आयोजित ये काइट फेस्टिवल 16 से 18 जनवरी तक चलेगा. जहां देश और विदेश से आए 28 पतंगबाज हिस्सा लेंगे और अपने हुनर का जौहर दिखाएंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चीफ गेस्ट के तौर पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के तीसरे अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया.

इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर के सभी लोगों, विशेष रूप से किसानों, को मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू और उत्तरायण की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उत्तरायण का पर्व पूरे देश में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. यह पर्व इसलिए खुशी का पर्व है क्योंकि हमारा ऋतु चक्र और हमारा जीवन असीम ऊर्जा के स्रोत भगवान सूर्यनारायण पर निर्भर होता है. उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास जी ने भारतवासियों के लिए कहा था – ‘उत्सवप्रियाः खलु मनुष्याः’, यानी भारत के लोग उत्सवप्रिय होते हैं. हम उत्सवों के माध्यम से पूरे समाज को एकजुट करके आगे बढ़ने की सोच रखते हैं, और उत्तरायण उसी का एक हिस्सा है.

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पतंगोत्सव को सतत प्रयासों से और अधिक लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि पतंगोत्सव देश की जनता को दिल्ली से जोड़ेगा और आगे चलकर यह पूरे देश का उत्सव बन सकता है. उन्होंने कहा कि पतंगोत्सव को दिल्ली और समूचे देश में विस्तार देने तथा दिल्ली के पतंगोत्सव को इसका केन्द्र बनाने के लिए एक समिति गठित करनी चाहिए, जो इसे लोकप्रिय बनाने और इसमें जनभागीदारी बढ़ाने के पहलुओं पर काम करे. उन्होंने कहा कि अगला पतंगोत्सव ऐसा हो जिससे इस उत्सव का स्थान देश और दुनिया के प्रमुख पतंगोत्सवों में अग्रणी स्थानों में शामिल हो.

बांसेरा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में देश के अलग-अलग किस्मों के बांस से सुसज्जित सुंदर प्राकृतिक स्थान बांसेरा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है. उन्होंने कहा कि यह उद्यान इस बात का परिचायक है कि यदि कोई व्यक्ति अपने संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए कृतनिश्चयी हो जाए, तो कैसे शानदार परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि बांसेरा उद्यान का उपयोग बढ़ाने के लिए तथा दिल्ली के लोगों को इसकी ओर आकर्षित करने के लिए दिल्ली सरकार को यहां अच्छे आयोजन करने की आवश्यकता है.

‘Simon Go Back’ का नारा आजादी के आंदोलन का प्रतिघोष

अमित शाह ने कहा कि यहां तीन पवेलियन हैं, जिनमें पतंगों का इतिहास और पतंगों का युद्धकालीन उपयोग भी प्रदर्शित किया गया है. जब साइमन कमीशन देश में आया था, तब उसका देश में जोरदार विरोध हुआ था. ‘Simon Go Back’ का नारा आजादी के आंदोलन का प्रतिघोष बन गया था. साइमन कमीशन का विरोध उत्तरायण के दिन ‘Simon Go Back’ लिखे पतंग उड़ाकर भी किया गया था. भारतीयों ने पतंगों से पूरा आकाश भर दिया था और अंग्रेजों को अपनी ताकत का परिचय दिया था.

अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजों को कला दिखाने का अवसर

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि मकर संक्रांति का उत्सव एक भारत, श्रेष्ठ भारत का प्रत्यक्ष उदाहरण बन चुका है. उन्होंने कहा कि सूर्य भगवान अपनी दिशा बदल रहे हैं और इसका स्वागत पूरे जगत में होता है. उन्होंने कहा कि यह पतंगोत्सव इन सभी राज्यों को दिल्ली से जोड़ने का एक प्रयास है. आने वाले दिनों में पतंगोत्सव दिल्ली में अपना एक विशेष स्थान बनाएगा और पूरे देश के पतंगबाजों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजों को भी यहां आकर अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा.

सोमनाथ मंदिर पर क्या बोले शाह?

अमित शाह ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में 8 जनवरी से 11 जनवरी तक मनाए गए सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में हिस्सा लिया. सोमनाथ मंदिर पर पहले हमले के 1000 साल पूरे होने पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया गया. सोम समुद्र के किनारे स्थित प्रभु शिव के इस स्थान को 16 बार तोड़ने का प्रयास किया गया. वे तोड़ने में सफल हुए, मगर जितनी बार तोड़ा गया, उतनी बार ही इसे पुनः बनाया गया. उन्होंने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और सोमनाथ स्वाभिमान वर्ष सभी भारतीयों के लिए अपनी संस्कृति को अटल, अडिग और अमर बनाने के संकल्प का पुनः स्मरण कराने का अवसर है.

भारतीय संस्कृति से जोड़ने वाला उत्सव

वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज का ये अवसर हमें अपनी भारतीय संस्कृति से जोड़ने वाला है. यह उत्सव इस रूप में नया है, लेकिन गली, छत से उड़ाने का अनुभव हर बच्चा लेता है. यही काम वो अनुभव देना का, यह पतंग महोत्सव कर रहा है. इस दौरान दिल्ली के LG विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि पतंगबाजी सदियों पुरानी कला है.

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