मेवाड़ की संपत्ति पर भाई-बहन आमने-सामने, दिल्ली हाई कोर्ट ने भेजा नोटिस
TV9 Bharatvarsh January 21, 2026 11:42 AM

मेवाड़ के शाही परिवार की संपत्ति विवाद दिल्ली हाईकोर्ट की दहलीज तक पहुंच गया है. कोर्ट ने मंगलवार को मेवाड़ राजपरिवार के सदस्यों पद्मजा कुमार परमार और उनकी बहन भार्गवी कुमारी मेवाड़ को उनके भाई लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ द्वारा दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया. इसमें उन्होंने अपने दिवंगत पिता की संपत्ति पर नियंत्रण की मांग की थी. जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने पद्मजा कुमार परमार और बहन भार्गवी कुमारी की मां विजयराज कुमारी मेवाड़ और राजस्थान राज्य को भी नोटिस जारी किया है.

कोर्ट ने कहा कि हम मामले में नोटिस जारी कर रहे हैं. आप अपनी आपत्तियां दर्ज करें. पद्मजा कुमार परमार और उनके भाई लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के बीच विवाद उनके दिवंगत पिता अरविंद सिंह मेवाड़, जो उदयपुर के पूर्ववर्ती मेवाड़ राजपरिवार के सदस्य थे, उनकी संपत्तियों के उत्तराधिकार और नियंत्रण को लेकर कानूनी लड़ाई से उपजा है.

अरविंद सिंह मेवाड़ ने छोड़ी थी वसीयत

ऐसा कहा जाता है कि अरविंद सिंह मेवाड़ ने फरवरी 2025 में एक वसीयत छोड़ी थी, जिसमें अपने बेटे लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को अपनी स्व-अर्जित संपत्तियों का एकमात्र उत्तराधिकारी नामित किया था. लक्ष्यराज सिंह और पद्मजा कुमार दोनों ने अपने पिता की प्रॉपर्टी पर एडमिनिस्ट्रेशन लेटर की मांग करते हुए हाई कोर्ट में वसीयतनामा केस फाइल किया है.

कोर्ट ने मंगलवार को लक्ष्यराज के केस पर नोटिस जारी किया. जस्टिस प्रसाद ने कहा कि वह लक्ष्यराज के केस का फैसला होने के बाद पद्मजा कुमार की याचिका पर सुनवाई कर सकते हैं. पद्मजा कुमार की तरफ से सीनियर एडवोकेट अरविंद निगम पेश हुए और इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों केस एक साथ सुने जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि वे उस डॉक्यूमेंट पर भरोसा कर रहे हैं जिसे वे वसीयत बता रहे हैं. जो कार्रवाई उन्होंने अभी शुरू की है, उसमें वसीयत की वैलिडिटी साबित करने की ज़िम्मेदारी उनकी है. अगर वे फेल होते हैं, तो आप कह रहे हैं कि हमें उस स्टेज पर आना चाहिए. लेकिन वे यहां हैं, और हम यहां हैं. इन दोनों मामलों को एक साथ सुना जा सकता है.

इनकी वसीयत गैर-कानूनी है

अरविंद निगम ने अपने केस को मज़बूत करने के लिए कई फैसलों का ज़िक्र किया. भार्गवी कुमार मेवाड़ की तरफ से सीनियर एडवोकेट सदीप सेठी पेश हुए और कहा कि लक्ष्यराज सिंह की बताई वसीयत गैर-कानूनी है. लक्ष्यराज सिंह की तरफ से सीनियर एडवोकेट राजीव नायर ने केस की पैरवी की, जिन्होंने पद्मजा कुमारी की अर्जी की मेंटेनेबिलिटी को चुनौती दी. सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई 12 फरवरी के लिए तय की, उस दिन राजीव नायर अपनी दलील रखेंगे.

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