New Rules for AIBE: लॉ स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत, अब एक बार AIBE छूटने पर बर्बाद नहीं होगा पूरा साल; जानें कैसे?
TV9 Bharatvarsh January 21, 2026 03:43 PM

BCI New Rules for AIBE: बार काउंसिल ऑफ इंडिया यानी BCI ने लॉ स्टूडेंट्स को लंबे समय से परेशान कर रही एक बड़ी समस्या का समाधान निकाल लिया है. अब कानून की पढ़ाई कर रहे लास्टर ईयर के छात्र भी ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) में बैठ सकेंगे. इस बारे में बीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि नए नियम बना दिए गए हैं जिसके तहत फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स एग्जाम में शामिल हो पाएंगे. इस नियम के साथ एक और बड़ा बदलाव इस टेस्ट में किया गया है जिसके तहत AIBE अब साल में दो बार आयोजित की जाएगी. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने बीसीआई के इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए 2024 में दायर हुई याचिका का निपटारा कर दिया.

पूरा मामला उन छात्रों की परेशानी से जुड़ा है जिन्हें सिर्फ इसलिए AIBE देने से रोका जा रहा था क्योंकि वे फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स हैं और ऑफिशियली ग्रेजुएट नहीं हैं. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि AIBE पास किए बिना कोई भी लॉ ग्रेजुएट स्टेट बार काउंसिल में वकील के रूप में अपना नामांकन नहीं करा सकता है. आसान शब्दों में समझे तो अगर कोई लॉ स्टूडेंट ग्रेजुएट होने के बाद AIBE क्लीयर नहीं करता है तो वह किसी भी कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू नहीं कर सकता है. ऐसे में अगर किसी स्टूडेंट का AIBE एक साल छूट जाए तो उसे अगली साल का इंतजार पड़ता था. इस दौरान याचिकाकर्ता ने कहा था कि ग्रेजुएट होने के बाद पहला साल काफी अहम होता है.

2024 में दायर हुई थी याचिका

छात्रों ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि इस तरह के नियम उनके प्रोफेशनल जीवन में बिना वजह लेटलतीफी पैदा कर रहे हैं. ऐसे में जिन छात्रों को यह इंतजार करना पड़ता था उनका कीमती समय बर्बाद होता था. सुप्रीम कोर्ट भी इस समस्या से पहले से वाकिफ था. 2024 में अदालत ने अंतरिम आदेश देते हुए फाइनल ईयर के छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी. इससे पहले 2023 में कोर्ट ने बीसीआई को इस मुद्दे पर स्पष्ट नियम बनाने का निर्देश भी दिया था.

20 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि फाइनल ईयर के छात्रों को असहाय स्थिति में नहीं छोड़ा जा सकता. कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि यदि उन्हें AIBE देने से रोका गया तो उनका पूरा एक साल बर्बाद हो जाएगा.

क्या है BCI नियम 2026

अब बीसीआई ने बीसीआई नियम 2026 के तहत इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया है. नए नियमों के मुताबिक छात्र परीक्षा दे सकते हैं लेकिन उन्हें अपनी फाइल एलएलबी एग्जाम पास करना होगा. यानी योग्यता के मानक से कोई समझौता नहीं किया गया है बल्कि समय-सीमा को अधिक व्यावहारिक बनाया गया है.

AIBE साल में दो बार होने से छात्रों को अब पूरे साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा. एक परीक्षा छूटने पर दूसरा मौका जल्द ही मिल सकेगा. बता दें कि BCI द्वारा किया गया ये बदलाव लॉ स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत है. यह सुधार कानून की पढ़ाई को आसान नहीं बनाएगा बल्कि स्टूडेंट्स के कीमती वक्त को बचाएगा.

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