लखनऊ ।आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू), उत्तर प्रदेश की टीम ने राजेन्द्र कुमार दुबे, तत्कालीन सूचना अधिकारी एवं मालखाना इंचार्ज, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) लखनऊ को सरकारी धन की अनियमितता/गबन के आरोप में लखनऊ से गिरफ्तार किया। 26 अगस्त 2013 को फर्म सिमरन फार्मा (यूजीसी-9, न्यू मेडिसिन मार्केट, अमीनाबाद) से 52,49,000 रुपये जब्त किए गए थे, जिन्हें एनसीबी कार्यालय के मालखाना में जमा कराया गया था। 16 जून 2015 को गठित समिति द्वारा कैश पेटी खोली गई, तो 42,23,100 रुपये की राशि गायब पाई गई। इस मामले में थाना महानगर, लखनऊ में मुकदमा संख्या 164/2015, धारा 409 भादवि के तहत पंजीकृत किया गया था।
प्रारंभिक जांच के बाद शासन के आदेशानुसार मामला ईओडब्ल्यू को सौंपा गया। ईओडब्ल्यू की जांच में कुल 5 अभियुक्त दोषी पाए गए। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम राजेन्द्र कुमार दुबे, पिता का नाम नरसिंह दुबे निवासी सूचना अधिकारी/मालखाना इंचार्ज, एनसीबी लखनऊ है।एनसीबी लखनऊ के मालखाने में केस संख्या 12/13 के तहत जब्त 52,49,000 रुपये की राशि को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, लखनऊ में जमा करने हेतु कैश पेटी समिति ने खोला। जांच में केवल 10,25,900 रुपये ही उपलब्ध पाए गए, जबकि 42,23,100 रुपये की राशि गायब थी। तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक माधव सिंह के निर्देश पर राजेन्द्र कुमार दुबे के खिलाफ गबन का मामला पंजीकृत किया गया। ईओडब्ल्यू ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।