जोमैटो और ब्लिंकिट (Zomato-Blinkit) की पैरेंट कंपनी एटरनल (Eternal) में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिला है। कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) दीपेन्द्र गोयल (Deepinder Goyal) ने बुधवार, 21 जनवरी को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। गोयल ने यह जानकारी शेयरधारकों को लिखे एक पत्र के माध्यम से दी, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कंपनी की कमान अलबिंदर ढिंढसा (Albinder Dhindsa) संभालेंगे, जिन्हें एटरनल का नया ग्रुप सीईओ नियुक्त किया गया है।
दीपेन्द्र ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से एक लेटर पोस्ट कर एटरनल के इस नेतृत्व में बदलाव को लेकर जानकारी दी। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे सीईओ पद से हट रहे हैं लेकिन वे कंपनी के बोर्ड (Board of Directors) में बतौर वाईस चेयरमैन बने रहेंगे।
उन्होंने घोषणा करते हुए लिखा, “प्रिय शेयरधारकों, आज मैं ग्रुप सीईओ की भूमिका से हटने जा रहा हूं और शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, वाइस चेयरमैन के रूप में निदेशक मंडल में बना रहूंगा,”।
नेतृत्व परिवर्तन क्यों जरूरी था?अपने पत्र में दीपेन्द्र गोयल ने बताया कि हाल के समय में वे ऐसे नए विचारों और प्रयोगों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिनमें अधिक जोखिम और अनिश्चितता शामिल है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयोग किसी सार्वजनिक कंपनी के दायरे में रहकर करना उचित नहीं होता। गोयल के मुताबिक, एटरनल के अगले विकास चरण के लिए यह जरूरी था कि संचालन की जिम्मेदारी ऐसे नेतृत्व को सौंपी जाए, जो कंपनी के रोजमर्रा के फैसलों और रणनीतिक प्राथमिकताओं पर पूरी तरह फोकस कर सके।
अलबिंदर ढिंढसा पर जताया भरोसा
Albinder Dhindsa
दीपेन्द्र गोयल ने अलबिंदर ढिंढसा की क्षमताओं की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ढिंढसा ने ब्लिंकिट को अधिग्रहण के बाद से लेकर ब्रेक-ईवन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है और वे एटरनल जैसे बड़े समूह का नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम हैं। गोयल ने अपने पत्र में लिखा कि ग्रुप सीईओ के रूप में ढिंढसा अब कंपनी के डे-टू-डे ऑपरेशंस, बिजनेस प्रायोरिटीज और ऑपरेटिंग डिसीज़न्स के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। ये सभी बदलाव 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होंगे।
एटरनल के लिए आगे का रास्ताइस नेतृत्व बदलाव को एटरनल के लिए एक रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। कंपनी बीते कुछ वर्षों में फूड डिलीवरी से आगे बढ़कर क्विक कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स और टेक-ड्रिवन कंज्यूमर सर्विसेज के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि संचालन-केंद्रित नेतृत्व से कंपनी को स्थिरता और दीर्घकालिक ग्रोथ हासिल करने में मदद मिलेगी।
गोयल की भूमिका पूरी तरह खत्म नहीं !हालांकि दीपेन्द्र गोयल ने सीईओ पद से इस्तीफा दिया है, लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं हो रहे हैं। वे एटरनल के विजन और दीर्घकालिक दिशा को लेकर जुड़े रह सकते हैं, जबकि रोजमर्रा के फैसलों की जिम्मेदारी अब नए नेतृत्व के हाथों में होगी।