भोजशाला-कमल मौला मस्जिद: कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया
Samachar Nama Hindi January 23, 2026 12:43 AM

भोपाल/धार, 22 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में विपक्षी दल कांग्रेस ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें राज्य के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला में मुस्लिमों को नमाज अदा करने और हिंदुओं को पूजा करने की अनुमति दी गई है।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया है और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

पटवारी ने आईएएनएस को बताया कि मध्य प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भोजशाला में हिंदू पूजा-पाठ कर सकें और मुस्लिम नमाज अदा कर सकें। मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव भी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करने के लिए निर्देश देंगे।

एक अन्य कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आईएएनएस से फोन पर बात करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता है।

मसूद ने कहा कि पहले भी ऐसी ही स्थिति थी जब विवादित स्थल पर हिंदू पूजा-पाठ करते थे और मुसलमान नमाज अदा करते थे। हमारा मानना है कि दोनों पक्षों के लोग वहां जाकर कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे और दूसरे समुदाय की आस्था का सम्मान करेंगे।

मसूद ने आगे कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हिंदुस्तान के लिए एक संदेश है कि यह प्रेम का संदेश है। यह जगह नफरत की नहीं है।

उन्होंने आईएएनएस को बताया कि 2016 में जब मैंने इंदौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, तब भी यही फैसला लिया गया था। आज सर्वोच्च न्यायालय ने उसी को आधार मानते हुए कहा है कि एएसआई के आदेश का पालन किया जाना चाहिए, और नमाज और पूजा भी होनी चाहिए।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह विवाद वर्षों से चल रहा है, लेकिन लोग 2003-04 से शांतिपूर्वक उस स्थल पर पूजा और नमाज अदा करते आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं।

हिंदू धर्म का वार्षिक त्योहार बसंत पंचमी इस बार शुक्रवार को पड़ रहा है, जो मुसलमानों के साप्ताहिक नमाज का दिन है। दोनों समुदायों के लोग विवादित स्थल पर इकट्ठा होंगे, इसलिए धार जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को पूजा करने की अनुमति दी और मुसलमानों को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक स्थल पर नमाज अदा करने की इजाजत दी।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने दोनों पक्षों से आपसी सम्मान बनाए रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य और जिला प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की।

--आईएएनएस

एमएस/

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