शख्स के गले में हुई खराशˌ तो ChatGPT ने बताया नॉर्मल अस्पताल पहुंचा तो उड़े होश, डॉक्टर बोला- बहुत देर कर दी……
Himachali Khabar Hindi January 23, 2026 09:42 AM

आज की डिजिटल दुनिया में लोग अक्सर अपने हेल्थ से जुड़े छोटे-मोटे सवालों के लिए गूगल या फिर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स का सहारा लेने लगे हैं. लेकिन क्या हो अगर यही सहारा आपको जिंदगी की सबसे बड़ी गलती की ओर ले जाए? आयरलैंड के रहने वाले 37 वर्षीय वॉरेन टियरनी की कहानी इसी हकीकत की तरफ इशारा करती है.

गले की खराश को लिया हल्के में
इस साल की शुरुआत में वॉरेन टियरनी को हल्की सी गले की खराश हुई. उन्हें लगा यह कोई सामान्य समस्या है. डॉक्टर के पास जाने के बजाय उन्होंने चैटजीपीटी से सलाह ली. चैटबॉट ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनके लक्षण कैंसर से जुड़े होने की संभावना बहुत कम है. इस जवाब ने उन्हें उस समय सुकून दिया और उन्होंने मेडिकल चेकअप को टाल दिया.

असली बीमारी निकली बेहद खतरनाक
कुछ हफ्तों बाद वॉरेन की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. उन्हें खाना निगलने में दिक्कत होने लगी. मजबूरी में जब वे अस्पताल पहुंचे, तो जांच के बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया. वॉरेन को ओसोफैगल कैंसर की चौथी स्टेज (Stage 4 Oesophageal Cancer) का पता चला.

कैंसर की कठिन जंग
डॉक्टरों के मुताबिक वॉरेन को एडेनोकार्सिनोमा ऑफ ओसोफैगस है. यह कैंसर बेहद तेजी से फैलने वाला होता है और इसके मरीजों की 5 साल की सर्वाइवल रेट सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत तक ही होती है. अब वॉरेन अपनी पत्नी और छोटे बच्चों के साथ कठिन समय का सामना कर रहे हैं.

AI पर अंधा भरोसा कितना सही?
वॉरेन खुद एक मनोवैज्ञानिक रह चुके हैं. उनका मानना है कि चैटजीपीटी पर भरोसा करने से उन्होंने कीमती समय गंवा दिया. अगर वे समय रहते डॉक्टर से मिले होते तो शायद इलाज जल्दी शुरू हो जाता. वॉरेन कहते हैं – “AI मददगार हो सकता है, लेकिन असली इलाज डॉक्टर ही करते हैं. मैंने चैटजीपीटी की बातों को मानकर मेडिकल चेकअप टाला और अब इसकी कीमत चुका रहा हूं.”

ओपनएआई की चेतावनी
चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी OpenAI पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि यह टूल किसी भी बीमारी की डायग्नोसिस या इलाज के लिए नहीं बनाया गया है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। यह केवल जानकारी देने का काम करता है. ऐसे में यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो उसे सीधे डॉक्टर से ही सलाह लेनी चाहिए.

एक चेतावनी भरी कहानी
वॉरेन की यह कहानी उन लाखों लोगों के लिए एक सबक है जो हर छोटी समस्या पर AI या इंटरनेट पर भरोसा कर लेते हैं. जल्दी और आसान जवाब पाने की आदत कभी-कभी बड़ी समस्या को जन्म दे सकती है.

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