सरस्वती पूजा पर राँची में खाकी का पहरा, 1000 जवानों की तैनाती और प्रशासन के इन सख्त आदेशों को जान लें
Newsindialive Hindi January 23, 2026 11:45 PM

News India Live, Digital Desk: कहते हैं कि विद्या की देवी माँ सरस्वती का स्वागत पूरे सादगी और शालीनता से होना चाहिए। लेकिन पिछले कुछ सालों में देखा गया है कि विसर्जन और पंडालों के पास बजने वाले 'ऊटपटांग' और अश्लील गानों ने पूजा की गरिमा को कम किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए, राँची पुलिस ने इस बार ठान लिया है कि वो त्यौहार की मर्यादा को बिगड़ने नहीं देगी।प्रशासन ने साफ़ तौर पर निर्देश जारी किए हैं कि इस साल सरस्वती पूजा के दौरान किसी भी पंडाल या विसर्जन जुलूस में अश्लील गाने बजाने पर सख्त पाबंदी रहेगी। पुलिस का मानना है कि ऐसे गाने अक्सर विवाद और झड़प की वजह बनते हैं, इसलिए माहौल को भक्तिमय बनाए रखना ही सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए।सिर्फ निर्देशों तक ही बात सीमित नहीं है; ज़मीन पर भी पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। राँची के अलग-अलग चौराहों और पूजा समितियों के आस-पास सुरक्षा की बागडोर संभालने के लिए करीब 1000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है। सादे लिबास में भी पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे जो उपद्रवियों और माहौल खराब करने वालों पर पैनी नज़र रखेंगे।अगर आप भी पूजा की तैयारी कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान ज़रूर रखिये। त्यौहार खुशियाँ बांटने के लिए होता है और शांतिपूर्ण तरीके से इसे मनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रशासन का कहना है कि वे पूजा कमेटियों के साथ संपर्क में हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शहर में कहीं भी भीड़ को लेकर अव्यवस्था न हो। विसर्जन के रास्तों को लेकर भी विशेष निगरानी रहेगी ताकि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।तो चलिए, हम सब मिलकर इस वसंत पंचमी को एक उदाहरण बनाते हैं, जहाँ माँ सरस्वती की आराधना सिर्फ ढोल-नगाड़ों और शोर में नहीं, बल्कि मर्यादा और श्रद्धा में डूबी हो।

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