अलवर जिले के बड़ौदा मेव कस्बा आज अचानक एक शादी समारोह की लेकर चर्चा में आ गया. दरअसल, यहां बड़ौदामेव कस्बे के होली चौक मोहल्ले में उम्र कैद की सजा काट रही प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद आज विवाह बंधन में बंध गए. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दोनों को पैरोल मिली है. यहां सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों ही हत्या के मामले में उम्र के की सजा काट रहे हैं. पाली जिले की रहने वाली प्रिया सेठ ने अपने प्रेमी दीक्षांत कामरा का कर्ज उतारने के लिए झोटवाड़ा के रहने वाले दुष्यंत शर्मा को डेटिंग ऐप के जरिए प्रेमजाल में फंसाया था.
साजिश के तहत दो मई, 2018 को उसने दुष्यंत को मिलने बुलाया. फिर अपने बजाज नगर स्थित फ्लैट पर ले गई थी. फ्लैट पर योजना के अनुसार उसका प्रेमी दीक्षांत व उसका साथी लक्ष्य वालिया पहले से उनका इंतजार कर रहे थे. तीनों ने दुष्यंत को बंधक बना लिया और उसके पिता से 10 लाख की फिरौती मांगी. पिता ने तीन लाख रुपए दुष्यंत के खाते में जमा करवा दिए. उधर दुष्यंत को छोड़ने पर पकड़े जाने के डर से तीनों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. दुष्यंत की पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को क्षत-विक्षत कर दिया और उसकी डेड बॉडी को एक सूटकेस में बंद करके आमेर की पहाड़ियों में फेंक दिया.
मृतक दुष्यंत के पिता की एफआईआर पर आमेर थाना पुलिस ने तीन मई, 2018 को दुष्यंत का शव बरामद किया था. 4 मई को पुलिस ने प्रिया, दीक्षांत और लक्ष्य वालिया को गिरफ्तार कर लिया था. पाली निवासी प्रिया सेठ एक पढ़े लिखे और शिक्षित परिवार से है. उसके दादा प्रिसिंपल थे. जबकि पिता कॉलेज लैक्चरर और मां सरकारी स्कूल में टीचर. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। दसवीं और बाहरवीं कक्षा में अच्छे अंक लाने के आधार पर माता-पिता ने उसे आगे की पढ़ाई के लिए जयपुर भेजा था. यहीं से वह गलत राह पर चली गई.

जयपुर जाकर गलत संगत में फंसी
जयपुर में प्रिया अपने एक रिश्तेदार के घर पर रहकर पढ़ रही थी. लेकिन वहां वो गलत संगत में पड़ गई और एक पेईंग गेस्ट हाउस में रहने लगी. महंगे शौक पूरा करने के लिए उसने युवकों को अपने जाल में फांसना शुरु किया. बाकायदा एक वेबसाईट बनाकर रुपए ऐंठने लगी. इसी दौरान प्रिया की दोस्ती श्रीगंगानगर निवासी व मुंबई में मॉडलिंग करने वाले दीक्षांत कामरा से हो गई. दोनों जयपुर में लिव-इन रिलेशन में रहने लगे.

दुष्यंत ने खुद को करोड़पति बताया था
दुष्यंत की भी प्रिया सेठ से एक डेटिंग-एप के जरिए मुलाकात हुई. उसने खुद को दिल्ली का रहने वाला बताया था. प्रिया के सामने उसने खुद को करोड़पति बताया था. इससे प्रभावित होकर प्रिया ने उससे बड़ी रकम ऐंठने की योजना बनाई. उसने अपनी योजना में कर्ज में डूबे अपने प्रेमी दीक्षांत और उसके दोस्त को भी शामिल कर लिया. अंतत: तीनों दुष्यंत की हत्या कर दी.
24 मई, 2024 को जयपुर की कोर्ट ने प्रिया सेठ, दीक्षांत और लक्ष्य वालिया को हत्या का दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई. आरोपी लक्ष्य वालिया के पिता का देहांत हो चुका है और वह अपनी मां की एकलौती संतान है.
कौन है दूल्हा हनुमान प्रसाद?
वहीं, दूल्हा बनने जा रहे हनुमान प्रसाद ने 2 अक्टूबर 2017 की रात को शिवाजी पार्क में ताइक्वांडो प्लेयर संतोष शर्मा के पति बनवारी लाल और उसके चार बच्चों की हत्या की थी. नींद की गोलियों से बेहोश कर चाकू से गला रेत दिया था. हत्या करने के बाद बड़ौदा मेव निवासी हनुमान ट्रेन के माध्यम से उदयपुर भाग गया था. उस वक्त वो फिजिकल टीचर की तैयारी कर रहा था. पुलिस ने उसको दो दिन बाद गिरफ्तार कर लिया था.
उस वक्त जांच में सामने आया था कि संतोष और हनुमान के बीच अफेयर था. यहां सबसे बड़ी बात यह है कि संतोष उस वक्त हनुमान से 10 साल बड़ी थी और दोनों ही ताइक्वांडो जानते थे और तभी उसी के संपर्क में आई थी. उस वक्त प्रेम इतना परवान चढ़ा की दोनों ने शादी करने का मन भी बना लिया था. और संतोष अपने पति और बच्चों को ठिकाने लगाने के लिए हनुमान को तैयार किया था.
दोनों को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी
प्रिया सेठ जहां 33 साल की है. वहीं, हनुमान प्रसाद 32 साल का है. दोनों की शादी का बाकायदा कार्ड छपा है. जयपुर की ओपन जेल में सजा काट रहे हनुमान प्रसाद और प्रिया सेठ के बीच नजदीकियां बढ़ीं. दोनों के बीच प्रेम कहानी शुरू हुई और बताया जा रहा है कि दोनों के बीच 6 महीने से अफेयर है. आज यानि 23 जनवरी को दोनों शादी के बंधन में बंध गए हैं. अब यह शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.