बेगूसराय ब्यूरो। रेलवे से जुड़ी समस्याओं और विकास योजनाओं को लेकर पटना के प्रतिष्ठित चाणक्या होटल में एक अत्यंत महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने की। बैठक में रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न मंडलों के शीर्ष अधिकारी, परामर्श समिति के सदस्य तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अहम बैठक में बेगूसराय के जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी के सदस्य दिलीप कुमार सिन्हा ने भी भाग लिया। उन्होंने बेगूसराय रेलवे से जुड़ी वर्षों पुरानी एवं ज्वलंत समस्याओं को मजबूती से उठाया। उन्होंने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों को तथ्यों के साथ महाप्रबंधक के समक्ष रखा।
दिलीप कुमार सिन्हा ने विशेष रूप से बेगूसराय से हावड़ा के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने, बेगूसराय रेलवे स्टेशन पर प्लेटफ़ॉर्म संख्या 3 एवं 4 के निर्माण/विस्तार, लोहियानगर रेलवे फाटक पर पैदल यात्रियों के लिए ओवरब्रिज, कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव, तथा बेगूसराय रेलवे मालगोदाम की जर्जर और खतरनाक स्थिति जैसे गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही उन्होंने बेगूसराय के गौरव, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की रचनाओं को बेगूसराय रेलवे स्टेशन परिसर की दीवारों पर प्रदर्शित करने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि यात्रियों को साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए स्टेशन को एक विशिष्ट पहचान दी जा सके। रेल महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और जनहित से जुड़े इन मुद्दों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बेगूसराय स्टेशन पर राष्ट्रकवि दिनकर की कविताएँ स्टेशन परिसर की दीवारों पर प्रदर्शित करने सहित अन्य मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। जीएम ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देना रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। जीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बेगूसराय रेलवे स्टेशन और मालगोदाम से जुड़े मामलों पर तकनीकी रिपोर्ट एवं प्रस्ताव शीघ्र तैयार किए जाएं, ताकि आवश्यक कार्यों को समयबद्ध ढंग से शुरू किया जा सके। बैठक के बाद बेगूसराय सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों में नई उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर अब ठोस और सकारात्मक कार्रवाई देखने को मिलेगी। स्थानीय रेल यात्रियों, जनप्रतिनिधियों, साहित्य प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस पहल को बेगूसराय के रेल एवं सांस्कृतिक विकास की दिशा में एक अहम कदम बताया है।