अक्सर लोग यह मानते हैं कि पूरी नींद लेने के बाद शरीर और दिमाग दोनों तरोताजा महसूस करेंगे, लेकिन कई बार इसके उलट सिर भारी या सुस्त लगने लगता है. यह स्थिति सुबह के समय काम में मन न लगने, चिड़चिड़ापन या ध्यान की कमी का कारण बन सकती है. कई लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह शरीर के भीतर चल रहे कुछ बदलाव का संकेत भी हो सकता है.
इसलिए इस परेशानी को समझना जरूरी है क्योंकि, लंबे समय तक ऐसी परेशानी बने रहने पर इसका असर दिनभर की एनर्जी और काम करने की क्षमता पर पड़ सकता है. इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. आइए जानते हैं कि नींद पूरी होने के बाद भी सिर भारी रहने के पीछे क्या कारण हैं?
नींद पूरी होने के बाद भी सिर में भारीपन क्यों रहता है?आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि नींद के बाद सिर भारी रहने की एक बड़ी वजह नींद की गुणवत्ता खराब होना हो सकती है. देर रात तक मोबाइल या स्क्रीन देखने से दिमाग पूरी तरह शांत नहीं हो पाता. तनाव और चिंता भी नींद के दौरान दिमाग को एक्टिव बनाए रखती है, जिससे सुबह थकान महसूस होती है. शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन के कारण भी सिर भारी लग सकता है, क्योंकि रात में लंबे समय तक पानी नहीं पीया जाता.
गलत तकिया या सोने की गलत पोजीशन से गर्दन और सिर की मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है. इसके अलावा, नाक बंद रहना, साइनस की समस्या या ऑक्सीजन की कमी भी इस परेशानी को बढ़ा सकती है. कुछ मामलों में हॉर्मोनल बदलाव या खराब दिनचर्या भी सिर में भारीपन की वजह बनती है.
सिर में भारीपन के अलावा क्या समस्याएं हो सकती हैं?सिर भारी रहने के साथ-साथ व्यक्ति को सुस्ती, चक्कर आना या आंखों में जलन महसूस हो सकती है. ध्यान लगाने में दिक्कत और काम करने की क्षमता कम हो जाती है. कुछ लोगों को सुबह उठते ही चिड़चिड़ापन या बेचैनी भी होती है.
लंबे समय तक यह समस्या रहने पर सिरदर्द, गर्दन में जकड़न और थकावट बनी रह सकती है. नींद पूरी होने के बाद भी एनर्जी की कमी महसूस होना दिनभर की एक्टिविटी पर असर डाल सकता है. अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो यह शरीर के संतुलन में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है.
कैसे करें बचाव?रोज एक तय समय पर सोने और उठने की आदत बनाएं.
सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी रखें.
दिनभर पर्याप्त पानी पिएं.
हल्का और संतुलित भोजन लें.
सही तकिया और सोने की पोजीशन अपनाएं.
तनाव कम करने के लिए योग या ध्यान करें.