मिडिल ईस्ट में संकट के चलते भारत से यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों पर असर देखने को मिल सकता है. भारतीय एयरलाइंस ने बड़ा बदलाव किया है. पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े हालात बिगड़ने का सीधा असर भारत की इंटरनेशनल उड़ानों पर पड़ा है. सुरक्षा कारणों से ईरान के ऊपर से उड़ान भरना जोखिम भरा माना जा रहा है. इसलिए भारतीय एयरलाइंस ने अपने रूट और समय में बदलाव किया है. इसको लेकर एयर इंडिया, इंडिगो समेत कई बड़ी एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है.
रविवार को इंडिगो ने कई उड़ानें रद्द की हैं
इंडिगो के मुताबिक, 25 जनवरी 2026 को दिल्ली से त्बिलिसी और मुंबई से अल्माटी जाने वाली और वहां से आने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. यात्रियों को दूसरी फ्लाइट में टिकट बदलने या पूरा पैसा वापस लेने का विकल्प दिया गया है. वहीं, 26 जनवरी को त्बिलिसी, अल्माटी, बाकू और ताशकंद जाने वाली उड़ानें रास्ते में दोहा में थोड़ी देर के लिए रुक सकती हैं ताकि ईंधन भरा जा सके. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि ये फ्लाइट्स ईरान के हवाई क्षेत्र से बचकर लंबा रास्ता ले रही हैं.
एअर इंडिया ने कई उड़ानों का रास्ता बदल दिया है
एअर इंडिया ने भी अपनी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का रास्ता बदल दिया है. यूरोप, अमेरिका और मध्य एशिया जाने वाली फ्लाइट्स अब ईरान के ऊपर से नहीं जा रही हैं, बल्कि दूसरे सुरक्षित रूट से उड़ रही हैं. इससे उड़ानों में समय ज्यादा लग रहा है. कुछ रूट्स पर जहां सुरक्षित रास्ता नहीं मिल पाया वहां फ्लाइट्स को रद्द भी किया गया है.
एअर इंडिया ने यात्रियों से कहा है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लें. आमतौर पर भारत से यूरोप, अमेरिका और मध्य एशिया जाने वाली कई उड़ानें ईरान के ऊपर से गुजरती हैं लेकिन मौजूदा हालात में एयरलाइंस उस रास्ते से बच रही हैं. इसी वजह से कहीं देरी हो रही है कहीं बीच में ईंधन भरने के लिए रुकना पड़ रहा है और कहीं उड़ानें रद्द करनी पड़ रही हैं.
एयरलाइंस ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी फ्लाइट का स्टेटस समय-समय पर चेक करें, मोबाइल पर आने वाले SMS और ईमेल अलर्ट देखें और जरूरत पड़ने पर रीबुकिंग या रिफंड के विकल्प का इस्तेमाल करें. हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे भी बदलाव हो सकते हैं.