भारतीय लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने करीब एक साल के लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार वापसी की है। 25 जनवरी, 2026 को गुवाहाटी में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेले गए तीसरे टी20 मैच में बिश्नोई को वाशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद टीम में मौका मिला। बिश्नोई ने इस मौके को दोनों हाथों से लपका और अपने 4 ओवर के कोटे में मात्र 18 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। उन्होंने न्यूज़ीलैंड के खतरनाक बल्लेबाज़ों मार्क चैपमैन और ग्लेन फिलिप्स को आउट कर कीवी टीम के मध्यक्रम की कमर तोड़ दी।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, बिश्नोई के लिए पिछले 12 महीने काफी चुनौतीपूर्ण रहे थे। खराब फॉर्म के कारण उन्हें लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने रिलीज कर दिया था और वे भारतीय टीम से भी बाहर चल रहे थे। हालांकि, आईपीएल 2026 की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने उन पर भरोसा जताते हुए 7.2 करोड़ रुपये की बड़ी बोली लगाई, जिससे उन्हें एक नई शुरुआत मिली। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिश्नोई ने बताया कि टीम से बाहर रहने के दौरान उन्होंने जोधपुर में अपने कोच के साथ अपनी गेंदबाजी की 'लेंथ' (Length) पर काफी मेहनत की थी।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बिश्नोई ने स्वीकार किया कि वे अपनी वापसी मैच को लेकर थोड़े नर्वस थे। उन्होंने कहा, "जब आप टीम से बाहर होते हैं, तो आपको लगता है कि आपको वहाँ होना चाहिए। भारतीय टीम बहुत मजबूत है और प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है।" बिश्नोई ने घरेलू सत्र में विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलकर अपनी लय वापस पाई, जहाँ उन्होंने 7 मैचों में 9 विकेट लिए थे। उनकी इस सधी हुई गेंदबाजी की बदौलत भारत ने न्यूज़ीलैंड को 153 रनों पर रोक दिया और मैच को 8 विकेट से जीतकर सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिश्नोई की इस फॉर्म ने टी20 विश्व कप 2026 के लिए चयनकर्ताओं की सिरदर्दी बढ़ा दी है। वे अब अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती के साथ स्पिन विभाग में एक मजबूत विकल्प बनकर उभरे हैं। उनकी तेज़ रफ़्तार वाली लेग-ब्रेक और सटीक गुगली उपमहाद्वीप की पिचों पर किसी भी बल्लेबाजी आक्रमण के लिए घातक साबित हो सकती है। फिलहाल, बिश्नोई अपनी इस लय को आईपीएल 2026 में भी बरकरार रखना चाहते हैं ताकि वे विश्व कप टीम में अपनी जगह पक्की कर सकें।