आगरा समाचार: शराब के शौकीनों के लिए यह खबर एक चेतावनी हो सकती है। आगरा पुलिस ने एक अवैध और नकली शराब बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। यह नकली शराब आगरा के साथ-साथ बिहार में भी भेजी जानी थी, लेकिन पुलिस ने समय पर कार्रवाई करके इसे रोक दिया।
घटना का स्थान
यह मामला थाना कागारौल के अकोला गांव का है। पुलिस को मिली सूचना के आधार पर, आबकारी विभाग और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा। फैक्ट्री एक आवास के अंदर संचालित हो रही थी। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे और उन्होंने शराब बनाने के सामग्री में आग लगा दी।
गिरफ्तारी और आरोप
पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी सत्यप्रकाश और उसके तीन सहयोगियों नरेश, उम्मेद सिंह और प्रशांत को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सत्यप्रकाश अपने दो बेटों और अन्य पांच लोगों के साथ मिलकर नकली अंग्रेजी शराब का निर्माण करता था। यह शराब पानी, स्प्रैट और केमिकल मिलाकर बनाई जाती थी।
पुलिस द्वारा बरामद सामग्री
पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया:
74 पेटी नकली शराब
50 लीटर स्प्रैट
89 खाकी शराब की बोतलें
पैकिंग के सभी सामान
फरार आरोपी
पुलिस अब इन फरार आरोपियों की खोज में है:
कृष्णा
शिवशंकर
सौरभ
धर्मवीर
सूत्रों के अनुसार, सौरभ और शिवशंकर सत्यप्रकाश के बेटे हैं और वह मुख्य आरोपी के साथ फैक्ट्री का संचालन कर रहे थे।
सावधानी का संदेश
यह घटना दर्शाती है कि बाजार में उपलब्ध शराब हमेशा सुरक्षित नहीं होती। पुलिस ने नकली शराब फैक्ट्री पर छापा मारकर एक बड़ी आपदा को टाल दिया।