तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में कल रात खेले गए सीरीज के पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में हार्दिक पांड्या ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और कसी हुई गेंदबाजी से भारत की 5-0 से ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई। हार्दिक जब बल्लेबाजी करने आए, तब भारत को एक मजबूत फिनिश की जरूरत थी। उन्होंने कीवी तेज गेंदबाजों के खिलाफ मैदान के चारों तरफ शॉट खेले और मात्र 12 गेंदों में नाबाद 34 रनों की पारी खेली। इस छोटी मगर घातक पारी में उन्होंने 4 छक्के और 1 चौका जड़ा। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने न्यूजीलैंड के सामने जीत के लिए 204 रनों का विशाल लक्ष्य रखा।
गेंदबाजी में भी हार्दिक ने अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने बीच के ओवरों में आकर न्यूजीलैंड के खतरनाक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स और मार्क चैपमैन को पवेलियन भेजकर कीवी टीम की कमर तोड़ दी। हार्दिक ने अपने 3 ओवर के स्पैल में मात्र 19 रन देकर 2 विकेट लिए। उनकी गेंदबाजी में वह पुरानी गति और उछाल वापस लौट आई है, जो भारतीय टीम के लिए आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मद्देनजर सबसे सुखद खबर है। मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने हार्दिक की जमकर तारीफ की। सूर्या ने कहा, "हार्दिक टीम का संतुलन बनाए रखते हैं। उनके चार ओवर और आखिरी ओवरों में उनकी पावर-हिटिंग हमें दुनिया की किसी भी टीम के खिलाफ मानसिक बढ़त देती है।"
हार्दिक पांड्या की फिटनेस को लेकर पिछले कुछ समय से कई सवाल उठ रहे थे, लेकिन इस पूरी सीरीज के दौरान उन्होंने जिस तरह से अपनी फील्डिंग और गेंदबाजी का वर्कलोड संभाला है, उसने सभी आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है। हार्दिक ने भी मैच के बाद कहा कि वे अब अपनी गेंदबाजी के दौरान काफी सहज महसूस कर रहे हैं और उनकी बॉडी पूरी तरह से साथ दे रही है। इस सीरीज जीत के बाद भारतीय टीम अब दक्षिण अफ्रीका के दौरे की तैयारी करेगी, जहाँ हार्दिक पांड्या एक बार फिर मुख्य खिलाड़ी की भूमिका में होंगे। चयनकर्ताओं ने संकेत दिए हैं कि हार्दिक को भविष्य में कप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। फिलहाल, भारतीय फैंस हार्दिक के इस पुराने 'फिनिशर' अवतार को देखकर बेहद उत्साहित हैं। विशाखापट्टनम से लेकर तिरुवनंतपुरम तक हार्दिक ने अपनी फील्डिंग और फिटनेस से साबित कर दिया है कि वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में से एक क्यों हैं।