राज चौहान हत्याकांड में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने करीब 126 घंटे तक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान में डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास और डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने नेतृत्व किया। ऑपरेशन में कुल 9 टीमें और लगभग 60 पुलिसकर्मी शामिल थे, जिन्होंने गेस्ट हाउस और संभावित भागने वाले मार्गों पर निगरानी रखी।
पुलिस ने संदिग्धों की हरकतों पर नजर रखने के लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। शुरुआती जांच और साक्ष्यों के आधार पर 25 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई।
अंततः पुलिस और हमलावरों के बीच करीब तीन घंटे की मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान एक आरोपी मुठभेड़ में ढेर हो गया। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी और मुठभेड़ के बाद मामले की जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जो आगे की कार्रवाई और साजिश का पूरा नेटवर्क उजागर करने में मदद करेंगे।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने कहा कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य केवल आरोपियों को पकड़ना नहीं था, बल्कि राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी था। उन्होंने कहा कि पुलिस बल ने बेहद संयम और रणनीति के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े और जटिल ऑपरेशन पुलिस की तत्परता, टीमवर्क और तकनीकी सहायता का उदाहरण हैं। ऑपरेशन के दौरान सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय खुफिया जानकारी और टीम की सतर्कता ने सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह ऑपरेशन राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और ऐसे संगठित अपराधियों को सबक सिखाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।